Chhattisgarh News:-छत्तीसगढ़ में अवैध खनन पर सख्ती: अब ड्रोन से निगरानी, 10 रूट्स पर लगेंगे ई-चेक गेट

Chhattisgarh News:-छत्तीसगढ़ में अब खनन पर नजर रखने के लिए हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार ने अवैध खनन और ओवर माइनिंग पर रोक लगाने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी शुरू करने का फैसला लिया है।
ड्रोन के जरिए खदानों का ऊपर से सर्वे किया जाएगा और 3D मैपिंग के माध्यम से यह देखा जाएगा कि खनन तय सीमा के अंदर हो रहा है या बाहर भी खुदाई की जा रही है। इससे ज्यादा मात्रा में खनिज निकालने यानी ओवर माइनिंग को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।
READ MORE:- वेदांता पावर प्लांट हादसा अपडेट: एक और श्रमिक की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 24
शुरुआत में 5 ड्रोन कैमरे लगाए जाएंगे, जिन्हें विशेषज्ञ टीम ऑपरेट करेगी। ये ड्रोन खासतौर पर रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार और बिलासपुर जैसे जिलों में तैनात किए जाएंगे, जहां अवैध खनन की शिकायतें ज्यादा आती रही हैं।
इस तकनीक से जंगल और पहाड़ी जैसे कठिन इलाकों में भी निगरानी आसान हो जाएगी। ड्रोन से मिलने वाली हाई क्वालिटी तस्वीरें सीधे विभाग तक पहुंचेंगी, जिससे तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
Chhattisgarh News:-अब खनिज परिवहन भी होगा डिजिटल:
सरकार ने खनिज परिवहन को पारदर्शी बनाने के लिए 10 प्रमुख रूट्स पर ई-चेक गेट लगाने का निर्णय लिया है।
इस सिस्टम में हर ट्रक का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज होगा, जैसे वाहन नंबर, खनिज का प्रकार, मात्रा और गंतव्य।
जैसे ही वाहन चेक गेट से गुजरेगा, उसकी जानकारी सिस्टम में अपडेट हो जाएगी।
इससे ओवरलोडिंग, बिना रॉयल्टी परिवहन और फर्जी कागजों पर लगाम लगेगी। साथ ही अधिकारी रियल टाइम में ट्रकों की निगरानी कर सकेंगे।
Chhattisgarh News:-अवैध खनन के आम तरीके:
- बिना अनुमति खनन करना
- तय सीमा से बाहर खुदाई
- तय मात्रा से ज्यादा खनिज निकालना
- बिना टैक्स/रॉयल्टी के परिवहन
- फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल
Chhattisgarh News:-सख्त नियम और जुर्माना:
सरकार ने नियमों में बदलाव कर अवैध खनन पर न्यूनतम 25 हजार रुपए जुर्माना तय किया है।
साथ ही सैटेलाइट और माइनिंग सर्विलांस सिस्टम से भी निगरानी बढ़ाई जा रही है।
ऑनलाइन ट्रांजिट पास सिस्टम से पिछले 5 साल में 84.47 करोड़ रुपए की वसूली भी की गई है।
खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद के मुताबिक, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अवैध खनन रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाए गए हैं।
