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Delhi Protest:-सोनम वांगचुक का अल्टीमेटम: रविवार तक प्रदर्शनकारियों को रिहा करो, वरना अनशन या पैदल मार्च!

Delhi Protest:-दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर चिंता जताते हुए हिरासत में लिए गए लोगों को रविवार, 11 अक्टूबर तक रिहा करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो वह आमरण अनशन या पैदल मार्च शुरू करने पर विचार कर सकते हैं। वांगचुक ने मौजूदा हालात को ‘अघोषित आपातकाल’ करार देते हुए लोगों से शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की है।

Delhi Protest:-क्या है पूरा मामला?

मामला 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उनकी प्रमुख आपत्ति मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

हालांकि, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और नाम हटाए जाने को लेकर लगाए गए आरोपों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना जरूरी है। निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।

Delhi Protest:-वांगचुक ने क्यों दी अनशन की चेतावनी?

इंडियन एक्सप्रेस और टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर प्रदर्शनकारियों और नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन से पहले उन्होंने एकता और शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतने बड़े लोकतंत्र में ऐसे हालात देखने को मिलेंगे।

वांगचुक ने कहा कि यदि रविवार तक हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो उन्हें आंदोलन के अगले चरण के रूप में अनशन या पैदल मार्च पर विचार करना पड़ सकता है। फिलहाल इसे उनकी चेतावनी और संभावित कदम के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि अनशन या मार्च शुरू होने की आधिकारिक घोषणा के तौर पर।

Delhi Protest:-दिल्ली में कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया

10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों और अनुमति संबंधी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। इसके बाद प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाले रास्तों और अन्य स्थानों पर कार्रवाई हुई।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और उनके सहयोगियों को दिल्ली पहुंचने पर हिरासत में लिया गया। अन्य राजनीतिक नेताओं, कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों को भी अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं।

पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्षी नेताओं और आंदोलन से जुड़े लोगों ने सवाल उठाए हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया गया है।

Delhi Protest:-अब आगे क्या होगा?

सोनम वांगचुक की चेतावनी के बाद अब सबकी नजर रविवार, 11 अक्टूबर पर है। देखना होगा कि हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं और वांगचुक अपने अगले आंदोलन के बारे में क्या फैसला लेते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार, कानून-व्यवस्था और मतदाता सूची की पारदर्शिता जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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