CG News:-रायपुर में फिर उठा ‘फर्जी पहचान’ का मामला! संजय नगर से बांग्लादेशी युवक पकड़े जाने का दावा, भारतीय पासपोर्ट-अ आधार की जांच में जुटी ATS

CG News:-रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बार फिर बांग्लादेशी नागरिक के कथित तौर पर फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेजों के साथ रहने का मामला सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, टिकरापारा थाना क्षेत्र के संजय नगर इलाके से शेख रेहान नाम के युवक को पुलिस ने पकड़ा है। हालांकि, इस ताजा कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल प्रमुख सार्वजनिक स्रोतों से नहीं हो सकी है।
पुलिस से जुड़ी बताई जा रही जानकारी के अनुसार, युवक लंबे समय से रायपुर में रह रहा था और संजय नगर में किराये के मकान में रहता था। उसका संबंध बांग्लादेश के पार्वतीपुर क्षेत्र से बताया जा रहा है। वह रायपुर में मोटर मैकेनिक के रूप में काम करता था।
CG News:-भारतीय दस्तावेजों पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि युवक के पास से भारतीय पासपोर्ट और आधार कार्ड बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में इन दस्तावेजों की वैधता को लेकर सवाल उठे हैं। अब पुलिस और ATS यह पता लगाने में जुटी है कि दस्तावेज वास्तविक हैं या कथित तौर पर फर्जी तरीके से तैयार कराए गए हैं।
रायपुर में इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। फरवरी 2025 में ATS ने तीन बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा था, जिनके पास भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज मिले थे। जांच में फर्जी दस्तावेज तैयार कराने की बात सामने आई थी।
जून 2025 में भी रायपुर में कई बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इनमें संजय नगर समेत शहर के कुछ अन्य इलाकों में रहने वाले लोग शामिल थे और उनके दस्तावेजों की जांच की गई थी।
CG News:-बांग्लादेश आने-जाने की भी जांच
ताजा मामले में पुलिस कथित तौर पर यह भी जांच कर रही है कि युवक ने भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल कर कितनी बार विदेश यात्रा की। यदि 4-5 बार बांग्लादेश यात्रा किए जाने की जानकारी जांच में पुष्ट होती है, तो उसके यात्रा रिकॉर्ड और पासपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
CG News:-ATS कर रही पूछताछ
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और ATS द्वारा युवक से पूछताछ किए जाने की जानकारी है। जांच एजेंसियां उसके भारत आने, रायपुर में रहने, भारतीय पहचान दस्तावेज हासिल करने और दस्तावेज तैयार कराने में संभावित मददगारों की भूमिका की पड़ताल कर सकती हैं।
हालांकि, किसी नेटवर्क, आपराधिक साजिश या अन्य गतिविधि से उसके संबंध की पुष्टि अभी नहीं हुई है, इसलिए जांच पूरी होने से पहले इस संबंध में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
डिपोर्टेशन की प्रक्रिया जांच के बाद
यदि जांच में युवक के बांग्लादेशी नागरिक होने और भारत में अवैध रूप से रहने की पुष्टि होती है, तो संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे हिरासत/डिटेंशन सेंटर में रखने और बाद में बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में अंतिम कार्रवाई संबंधित जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होती है।
फिलहाल पुलिस और ATS दस्तावेजों की सत्यता, युवक की पहचान और उसके भारत-बांग्लादेश आवागमन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
