छत्तीसगढ़

CG News:-छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तैयारी तेज: 360 नए केंद्र, 3.64 लाख गठान बारदानों की व्यवस्था

CG News:-छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। किसानों को धान बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रदेश में 360 नए धान खरीदी केंद्र खोले गए हैं। वहीं खरीदी के दौरान बारदानों की कमी न हो, इसके लिए 3.64 लाख गठान नए जूट बारदानों की व्यवस्था की जा रही है।

यह निर्णय खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल की अध्यक्षता में 24 सितंबर को हुई मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में धान खरीदी, बारदानों की उपलब्धता और कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने की प्रगति की समीक्षा की गई।

CG News:-360 नए केंद्रों में समय पर पूरी होंगी व्यवस्थाएं

बैठक में बताया गया कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस खरीफ सीजन में प्रदेश में 360 नवीन धान उपार्जन केंद्र खोले गए हैं। उप-समिति ने अधिकारियों को इन केंद्रों पर धान खरीदी से जुड़ी सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार का फोकस खरीदी प्रक्रिया को किसान-केंद्रित रखने और केंद्रों पर किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने पर है।

CG News:-बारदानों की कमी नहीं होगी

धान खरीदी के दौरान बारदानों की उपलब्धता को लेकर भी बैठक में विशेष समीक्षा हुई। जानकारी के मुताबिक, विपणन संघ के माध्यम से 3.64 लाख गठान नए जूट बारदानों की व्यवस्था की जा रही है।

इनमें से अब तक 1.14 लाख गठान बारदाने प्राप्त हो चुके हैं। शेष बारदानों की उपलब्धता भी समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि खरीदी प्रभावित न हो।

CG News:-कस्टम मिलिंग का 51.50 लाख टन चावल अभी बाकी

बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के कस्टम मिलिंग चावल की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार कुल 89 लाख टन चावल जमा करने का लक्ष्य है। अब तक 37.50 लाख टन चावल जमा किया जा चुका है, जबकि 51.50 लाख टन चावल अभी जमा होना बाकी है।

चावल जमा करने की अंतिम समय-सीमा 31 मार्च 2027 निर्धारित है। उप-समिति ने शेष मात्रा को देखते हुए मिलिंग और चावल जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा इसकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

CG News:-किसानों के लिए क्या मायने रखता है?

नई व्यवस्था का सीधा असर धान बेचने वाले किसानों पर पड़ेगा। नए खरीदी केंद्र खुलने से किसानों को अपने क्षेत्र के नजदीक धान बेचने की सुविधा मिलने की उम्मीद है। वहीं बारदानों की पहले से व्यवस्था किए जाने का उद्देश्य खरीदी के दौरान पैकेजिंग सामग्री की कमी से प्रक्रिया प्रभावित होने से रोकना है।

मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी शुरू होने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि खरीदी सीजन में किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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