Sexual Harassment Case:-JNU में प्रोफेसर पर गंभीर आरोपों की बौछार! 10 छात्राओं ने की यौन उत्पीड़न की शिकायत, जांच में जुटी आंतरिक समिति

Sexual Harassment Case:-जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कम से कम 10 छात्रों ने प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति (Internal Committee/ICC) मामले की जांच कर रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक शिकायतें करीब एक महीने पहले दर्ज कराई गई थीं। आरोप है कि प्रोफेसर छात्रों को कैंपस स्थित अपने आवास पर होने वाली बैठकों या सामाजिक कार्यक्रमों में बुलाते थे और वहां कथित तौर पर अनुचित यौन व्यवहार करते थे। कुछ शिकायतों में कक्षाओं के दौरान कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
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Sexual Harassment Case:-एक शिकायत के बाद सामने आए अन्य छात्र
मामले में कथित तौर पर एक नई शिकायत सामने आने के बाद कई वरिष्ठ छात्रों ने भी इसी प्रोफेसर के खिलाफ समान अनुभवों और आरोपों के साथ शिकायतें दर्ज कराईं। इससे शिकायतकर्ताओं की संख्या बढ़ने की संभावना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले आरोपों को साबित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
Sexual Harassment Case:-प्रोफेसर ने आरोपों को बताया गलत
इस मामले में संबंधित प्रोफेसर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें शिकायतों की जानकारी नहीं है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं। वहीं, विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने जांच जारी होने का हवाला देते हुए मामले पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की है।
Sexual Harassment Case:-JNU में शिकायतों की जांच के लिए मौजूद है निर्धारित व्यवस्था
JNU की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, विश्वविद्यालय में यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों के निवारण के लिए Internal Committee (IC) की व्यवस्था है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की शिकायतों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत समिति के पास भेजा जाना चाहिए।
फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने और समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
महत्वपूर्ण बात
यह मामला अभी आरोपों और शिकायतों की जांच के चरण में है। संबंधित प्रोफेसर को दोषी ठहराने संबंधी कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ है।
