CGPSC-DMF घोटाला: ED की पूछताछ खत्म, अब जेल में दोनों आरोपी; सतपाल छाबड़ा और उत्कर्ष चंद्राकर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

CGPSC-DMF घोटाला: रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC भर्ती अनियमितता और DMF फंड से जुड़े कथित घोटाला मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद अब कानूनी प्रक्रिया का नया चरण शुरू हो गया है। 5 दिन की ED कस्टोडियल रिमांड पूरी होने के बाद सतपाल सिंह छाबड़ा और उत्कर्ष चंद्राकर को विशेष PMLA कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
दोनों आरोपियों को शनिवार को विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, ED ने रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए कोई नया आवेदन पेश नहीं किया, जिसके बाद अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अब दोनों आरोपी अगले 14 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
CGPSC-DMF घोटाला:1 सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी
ED ने 1 सितंबर 2026 को सतपाल सिंह छाबड़ा को DMF फंड से जुड़े मामले में और उत्कर्ष चंद्राकर को CGPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद दोनों को विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया गया था, जहां पूछताछ के लिए 5 दिन की ED कस्टडी मंजूर की गई थी। ED की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड सहित महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए हैं।
CGPSC-DMF घोटाला:ED ने किन मामलों में की पूछताछ?
कस्टोडियल रिमांड के दौरान जांच एजेंसी ने दोनों आरोपियों से कथित वित्तीय लेन-देन और मामलों से जुड़ी अन्य कड़ियों के संबंध में पूछताछ की। ED की जांच अभी जारी है और एजेंसी CGPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं तथा DMF फंड से जुड़े कथित वित्तीय मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है।
गौरतलब है कि पहले की पेशी के दौरान सतपाल सिंह छाबड़ा की पत्नी के कोर्ट परिसर पहुंचने पर हंगामे की स्थिति भी बनी थी।
