Healthy Lifestyle:-रीढ़ की लचक से पाचन तक, हलासन के ये फायदे जानकर आप भी कहेंगे—‘योग में छिपा है सेहत का राज’!

Healthy Lifestyle:-सही तरीके और सावधानी के साथ किया गया हलासन शरीर की मांसपेशियों, लचीलेपन और पाचन से जुड़े स्वास्थ्य में मदद कर सकता है; लेकिन कुछ लोगों के लिए यह आसन जोखिम भरा भी हो सकता है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक बैठना, शारीरिक गतिविधि की कमी और तनाव जैसी वजहों से शरीर में अकड़न और पाचन संबंधी परेशानियां आम हो गई हैं। ऐसे में योग को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी अभ्यास माना जाता है। इन्हीं योगासनों में हलासन (Plough Pose) भी शामिल है। इसका नाम संस्कृत के ‘हल’ शब्द से लिया गया है, क्योंकि इस आसन की अंतिम मुद्रा भारतीय हल जैसी दिखाई देती है।
आयुष मंत्रालय के मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान की उपभोक्ता जानकारी के मुताबिक, हलासन के दौरान पेट के अंगों में संकुचन होता है। इसे अपच और कब्ज की स्थिति में लाभकारी बताया गया है। आधिकारिक जानकारी में यह भी कहा गया है कि हलासन थायरॉयड ग्रंथि के कार्य और मेटाबॉलिक रेट को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
हालांकि, हलासन को किसी बीमारी का इलाज या रामबाण उपाय मानना सही नहीं है। योग पर उपलब्ध शोध से यह संकेत मिलता है कि योग सामान्य शारीरिक फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है, लेकिन किसी एक आसन के सभी दावों को साबित करने के लिए पर्याप्त उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक प्रमाण हर मामले में उपलब्ध नहीं हैं।
Healthy Lifestyle:-ऐसे करें हलासन
- सबसे पहले पीठ के बल योग मैट पर सीधे लेट जाएं और दोनों हाथों को शरीर के पास रखें।
- धीरे-धीरे दोनों पैरों को ऊपर उठाएं।
- पैरों को सिर की ओर ले जाते हुए कूल्हों और पीठ को भी ऊपर उठाएं।
- अपनी क्षमता के अनुसार पैरों को सिर के पीछे जमीन की ओर ले जाने का प्रयास करें।
- शरीर को बिना झटके के स्थिर रखें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
- कुछ समय रुकने के बाद धीरे-धीरे पैरों और पीठ को वापस शुरुआती स्थिति में लाएं।
ध्यान रखें: पहली बार हलासन करते समय किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की निगरानी लेना बेहतर है। पैरों को जबरदस्ती जमीन तक पहुंचाने की कोशिश न करें।
Healthy Lifestyle:-हलासन से क्या फायदे हो सकते हैं?
1. पाचन में मदद
हलासन में पेट के हिस्से पर संकुचन पड़ता है। AYUSH की जानकारी के अनुसार यह आसन अपच और कब्ज में लाभकारी हो सकता है।
2. रीढ़ और शरीर के लचीलेपन में मदद
हलासन में रीढ़, कंधे और शरीर के पिछले हिस्से में खिंचाव आता है। नियमित और सही तकनीक से किया गया योग शरीर के लचीलेपन और शारीरिक फिटनेस को बेहतर करने में योगदान दे सकता है।
3. तनाव और थकान में संभावित राहत
योग के व्यापक प्रभावों पर हुए अध्ययनों में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संभावित लाभ सामने आए हैं। हालिया शोध में कुछ योग अभ्यासों के बाद पैरासिम्पेथेटिक गतिविधि बढ़ने के संकेत भी मिले हैं, हालांकि इसे सीधे केवल हलासन का प्रभाव नहीं माना जा सकता।
4. पेट और मांसपेशियों पर असर
हलासन में शरीर को एक विशेष स्थिति में रखने के कारण पेट और शरीर की कई मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। यही वजह है कि इसे शरीर की मजबूती और लचीलेपन वाले योग अभ्यासों में शामिल किया जाता है।
Healthy Lifestyle:-किन लोगों को हलासन से बचना चाहिए?
यह हिस्सा सबसे महत्वपूर्ण है। हाई ब्लड प्रेशर, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, स्लिप्ड डिस्क, पीठ की समस्या या साइटिका से परेशान लोगों को हलासन नहीं करना चाहिए, ऐसा आयुष मंत्रालय के मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान की जानकारी में बताया गया है।
हाई BP वाले लोगों के लिए हलासन जैसे inversion posture में रक्तचाप बढ़ने की चिंता भी बताई गई है। इसलिए ऐसे लोगों को बिना चिकित्सकीय या विशेषज्ञ सलाह के यह आसन नहीं करना चाहिए।
गर्भावस्था के दौरान भी इस तरह के कठिन आसनों को स्वयं करने के बजाय डॉक्टर और प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
Healthy Lifestyle:-‘चेहरे पर ग्लो’ वाले दावे से रहें सावधान
सोशल मीडिया पर हलासन को चेहरे पर तुरंत निखार लाने और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बदलकर त्वचा को चमकदार बनाने वाला आसन बताया जाता है। हालांकि, इन दावों को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने से बचना चाहिए। स्वस्थ त्वचा के लिए पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, पानी, शारीरिक गतिविधि और उचित स्किन केयर ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
