Sabarimala Case:-संविधान सर्वोपरि… सबरीमाला केस में सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- ‘धर्म’ के नाम पर नहीं बच सकते

Sabarimala Case:-सबरीमाला मंदिर मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि देश में संविधान सबसे ऊपर है। कोर्ट ने कहा कि जब किसी मामले में लोगों के अधिकारों की बात आती है, तो केवल ‘धर्म’ का हवाला देकर उसे न्यायिक जांच से बाहर नहीं रखा जा सकता।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में भी फैसला संविधान के अनुसार ही होगा। कोर्ट ने यह भी बताया कि व्यक्ति की अंतरात्मा की स्वतंत्रता जरूरी है, लेकिन उसे संविधान के ढांचे के अंदर रहकर ही समझा जाएगा।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म और व्यवस्था पर सवाल उठाने का अधिकार है। वहीं कोर्ट ने माना कि करोड़ों लोगों की आस्था को गलत ठहराना आसान नहीं होता, लेकिन सामाजिक सुधार के नाम पर धर्म को पूरी तरह कमजोर भी नहीं किया जा सकता।
Sabarimala Case:-यह मामला केरल के सबरीमाला मंदिर से जुड़ा है, जहां 1991 में 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। बाद में 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रतिबंध को हटा दिया था। इसके खिलाफ कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं, जिन पर अब सुनवाई जारी है।
7 अप्रैल से इस मामले की सुनवाई चल रही है। केंद्र सरकार ने भी कोर्ट में कहा है कि कुछ मंदिरों में पुरुषों के प्रवेश पर भी रोक होती है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
