उत्तरप्रदेश

Indian Politics:-7 साल… 7 रिकॉर्ड! गुजरात की पहली महिला CM आनंदीबेन पटेल ने यूपी में रचा इतिहास, कोई राज्यपाल नहीं तोड़ पाया यह रिकॉर्ड

Indian Politics:-गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री रहीं आनंदीबेन पटेल ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के रूप में लगातार 7 वर्ष पूरे कर इतिहास रच दिया है। 29 जुलाई 2019 को यूपी के राज्यपाल पद की शपथ लेने वाली आनंदीबेन अब प्रदेश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाली राज्यपाल बन गई हैं। आजादी के बाद उत्तर प्रदेश में किसी भी राज्यपाल ने इतना लंबा कार्यकाल पूरा नहीं किया है।

Indian Politics:-शिक्षिका से मुख्यमंत्री और फिर राज्यपाल तक का सफर

21 नवंबर 1941 को गुजरात के मेहसाणा जिले में जन्मीं आनंदीबेन पटेल का राजनीतिक जीवन जितना सफल रहा, उतना ही प्रेरणादायक उनका शुरुआती जीवन भी रहा। राजनीति में आने से पहले वह एक स्कूल में शिक्षिका और बाद में प्रधानाध्यापक रहीं। शिक्षण के दौरान उन्होंने नर्मदा नदी में कूदकर दो बच्चियों की जान बचाई थी, जिसके लिए उन्हें वीरता सम्मान भी मिला।

इसके बाद उन्होंने भाजपा के माध्यम से राजनीति में प्रवेश किया। वह राज्यसभा सदस्य बनीं, फिर गुजरात विधानसभा पहुंचीं और राज्य सरकार में कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आनंदीबेन पटेल ने गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनका मुख्यमंत्री कार्यकाल लगभग 2 वर्ष 77 दिन रहा।

Indian Politics:-मध्य प्रदेश से यूपी तक संवैधानिक जिम्मेदारी

जनवरी 2018 में उन्हें मध्य प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। इसके बाद 29 जुलाई 2019 को उन्होंने उत्तर प्रदेश के 28वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली और अब लगातार सात वर्ष पूरे कर नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

Indian Politics:-यूपी में सबसे लंबा कार्यकाल

उत्तर प्रदेश के इतिहास में कई राज्यपाल रहे, लेकिन आनंदीबेन पटेल सबसे लंबे समय तक इस पद पर बनी रहने वाली राज्यपाल बन गई हैं। उनके बाद सबसे लंबे कार्यकाल वाले राज्यपालों में बेजवाडा गोपाला रेड्डी, चंद्रेश्वर प्रसाद नारायण सिंह, टी.वी. राजेश्वर और राम नाईक शामिल हैं।

Indian Politics:-सामाजिक अभियानों पर विशेष फोकस

राज्यपाल के रूप में आनंदीबेन पटेल ने केवल संवैधानिक जिम्मेदारियां ही नहीं निभाईं, बल्कि सामाजिक अभियानों को भी प्राथमिकता दी। उन्होंने उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों के सशक्तिकरण, टीबी उन्मूलन, बेटियों के स्वास्थ्य, HPV वैक्सीनेशन और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार जैसे अभियानों को लगातार आगे बढ़ाया। राजभवन के अनुसार उनके कार्यकाल में हजारों आंगनवाड़ी किट वितरित किए गए और लाखों बालिकाओं तक स्वास्थ्य संबंधी योजनाएं पहुंचाई गईं।

Indian Politics:-परिवार और राजनीतिक विरासत

आनंदीबेन पटेल के परिवार में बेटा संजय पटेल और बेटी अनार पटेल हैं। अनार पटेल लंबे समय से सामाजिक कार्यों और विभिन्न संस्थाओं से जुड़ी हुई हैं। हाल के समय में उन्हें मिली नई जिम्मेदारियों के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि भविष्य में वह सक्रिय राजनीति में कदम रख सकती हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

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