High Court:-कोर्ट के आदेश पर चुप्पी भारी! सूरजपुर जिला पंचायत CEO को हाईकोर्ट का कड़ा नोटिस, पूछा- क्यों न चले अवमानना की कार्रवाई?

High Court:-बिलासपुर/सूरजपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के खिलाफ कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कथित लापरवाही को गंभीरता से लिया है। मामले में कोर्ट ने CEO को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पूरे मामले पर व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने पिछली कार्यवाही में दिए गए निर्देशों के बावजूद संबंधित अधिकारी की ओर से अपेक्षित अनुपालन नहीं होने पर नाराजगी जताई। मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर 2026 को निर्धारित है।
READ MORE:- पुराने BJP झंडे वाले वीडियो को ‘तिरंगा विवाद’ बताकर वायरल करने का आरोप, धमतरी पुलिस ने दो युवकों को दबोचा
High Court:-2022 से चल रहा है मामला
यह मामला आरती दुबे मिश्रा बनाम छत्तीसगढ़ शासन से संबंधित बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 30 नवंबर 2022 को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जिला पंचायत सूरजपुर के CEO को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। आरोप है कि इसके बाद भी मामले की सुनवाई के दौरान CEO की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ।
इसके बाद 28 अप्रैल 2026 की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता को CEO से आवश्यक निर्देश लेने को कहा था। इसके बावजूद मामले में अपेक्षित स्थिति सामने नहीं आई।
High Court:-5 अगस्त को भी नहीं पहुंचे CEO
मामले में हाईकोर्ट ने 28 जुलाई 2026 को एक और नोटिस जारी करते हुए CEO को 5 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। लेकिन निर्धारित तारीख पर CEO के कोर्ट में उपस्थित नहीं होने और उनकी ओर से जवाब दाखिल नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की।
अब कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यह स्पष्ट करने को कहा है कि लगातार आदेशों के अनुपालन में देरी या अनुपस्थिति की स्थिति में संबंधित अधिकारी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
High Court:-प्रमुख सचिव से भी मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव को मामले में व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। इससे मामले में अब विभागीय स्तर पर भी जवाबदेही तय होने की संभावना बढ़ गई है।
फिलहाल अगली सुनवाई 1 सितंबर 2026 को होगी। उस दिन कोर्ट के समक्ष CEO की ओर से क्या जवाब पेश किया जाता है और मामले में अवमानना की कार्रवाई आगे बढ़ती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
