Health Tips:-हाथों में खुजली-जलन को न करें नजरअंदाज! फंगल इंफेक्शन समझकर कहीं बढ़ा तो नहीं रहे परेशानी?

Health Tips:-हाथों में लगातार खुजली, जलन, लाल चकत्ते, छोटे-छोटे दाने या त्वचा का छिलना परेशान करने वाला हो सकता है। खासकर गर्मी और उमस में पसीने की वजह से त्वचा लंबे समय तक नम रहने पर फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन हर खुजली या जलन फंगल इंफेक्शन की वजह से ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार, हाथों पर होने वाले ऐसे लक्षण एक्जिमा, कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस, बहुत ज्यादा साबुन या सैनिटाइजर के इस्तेमाल और ड्राई स्किन की वजह से भी हो सकते हैं। इसलिए बिना जांच के इसे फंगल इंफेक्शन मानकर कोई भी क्रीम लगाना सही नहीं है।
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Health Tips:-हाथों की खुजली और जलन से बचने के लिए क्या करें?
1. तौलिया और निजी सामान शेयर न करें
अगर घर में किसी व्यक्ति को फंगल इंफेक्शन है तो उसका तौलिया, कपड़े या दूसरे निजी सामान इस्तेमाल करने से बचें। फंगल इंफेक्शन संक्रमित व्यक्ति के सामान के जरिए फैल सकता है। तौलिया और कपड़ों को नियमित रूप से धोना भी जरूरी है।
2. हाथों को साफ रखें, लेकिन जरूरत से ज्यादा न धोएं
हाथों की सफाई जरूरी है, लेकिन बार-बार कठोर साबुन, डिटर्जेंट या सैनिटाइजर का इस्तेमाल त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत को नुकसान पहुंचा सकता है और जलन बढ़ा सकता है। हाथ धोने के लिए हल्के साबुन का इस्तेमाल करें और धोने के बाद हाथों को अच्छी तरह सुखाएं। जरूरत पड़ने पर खुशबू रहित मॉइस्चराइजर भी लगाया जा सकता है।
3. हाथों को लंबे समय तक गीला न रखें
फंगस को गर्म और नमी वाली जगह पसंद होती है। इसलिए हाथ धोने या पानी के संपर्क में आने के बाद उंगलियों के बीच और हथेली को अच्छी तरह सुखाएं। अगर काम के दौरान हाथ लंबे समय तक पानी या पसीने के संपर्क में रहते हैं, तो त्वचा की समस्या बढ़ सकती है।
4. खुजली वाली जगह को बार-बार न खुजलाएं
खुजली होने पर त्वचा को बार-बार खरोंचने से जलन और घाव बढ़ सकते हैं। इसके अलावा, खुजलाने से त्वचा में संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। जरूरत पड़ने पर ठंडी पट्टी कुछ देर लगाने से खुजली में राहत मिल सकती है।
5. बिना सलाह के कोई भी क्रीम न लगाएं
यह सबसे जरूरी सावधानी है। फंगल इंफेक्शन और एक्जिमा देखने में एक जैसे लग सकते हैं। अगर वास्तव में फंगल इंफेक्शन है तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह से उचित एंटीफंगल दवा की जरूरत पड़ सकती है।
खास तौर पर स्टेरॉयड वाली क्रीम खुद से लगाने से बचें, क्योंकि फंगल इंफेक्शन होने पर ऐसी क्रीम संक्रमण को और बिगाड़ सकती है और उसका रूप बदल सकती है, जिससे सही निदान मुश्किल हो सकता है।
Health Tips:-कैसे पहचानें कि डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है?
अगर हाथों पर गोल या छल्ले जैसे चकत्ते, लगातार पपड़ी या त्वचा का छिलना, गहरी दरारें, फैलता हुआ रैश या लगातार खुजली हो रही है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। हाथों का फंगल इंफेक्शन दूसरी त्वचा संबंधी समस्याओं जैसा दिख सकता है, इसलिए जरूरत पड़ने पर जांच के जरिए कारण की पुष्टि की जाती है।
अगर एंटीफंगल उपचार के बावजूद समस्या ठीक नहीं हो रही है, तेजी से फैल रही है या लक्षण ज्यादा गंभीर हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
ध्यान रखें: घरेलू उपायों से केवल लक्षणों को दबाने की कोशिश करने के बजाय पहले यह पता करना जरूरी है कि खुजली और जलन की असली वजह क्या है। फंगल इंफेक्शन होने पर सही एंटीफंगल उपचार जरूरी हो सकता है, जबकि एक्जिमा या डर्मेटाइटिस का इलाज अलग होता है।
