Crime News:-दिल्ली के नाइट क्लबों तक पहुंचा 21 हजार करोड़ के ड्रग्स सिंडिकेट का पैसा? ED की ताबड़तोड़ रेड से मचा हड़कंप

Crime News:-देश के सबसे चर्चित मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को राजधानी दिल्ली में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। एजेंसी को आशंका है कि हजारों करोड़ रुपये के ड्रग्स कारोबार से अर्जित अवैध धन को नाइट क्लबों और अन्य व्यवसायों में निवेश कर सफेद किया गया हो सकता है।
ED की जांच मनी लॉन्ड्रिंग एंगल पर केंद्रित है। अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य खंगाले। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रग्स तस्करी से हुई कमाई को किन माध्यमों से निवेश किया गया और उसका इस्तेमाल किन कारोबारों में किया गया।
Crime News:-हरप्रीत सिंह तलवार के लिंक की जांच
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई का मुख्य फोकस मामले के आरोपी हरप्रीत सिंह तलवार और उसके सहयोगियों से जुड़े ठिकाने रहे। हरप्रीत सिंह तलवार का नाम मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स मामले में पहले भी सामने आ चुका है। हाल ही में उसे अदालत से जमानत मिली थी, जिसके बाद जांच एजेंसियां उसके आर्थिक नेटवर्क और कथित निवेशों की पड़ताल कर रही हैं।
Crime News:-क्या है मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स मामला?
सितंबर 2021 में गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर लगभग 2,988 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 21 हजार करोड़ रुपये आंकी गई थी। इसे भारत में अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी में से एक माना जाता है। मामले की जांच पहले DRI और बाद में NIA ने की, जबकि अब ED मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है।
Crime News:-नाइट क्लब निवेश एंगल पर फोकस
जांच एजेंसियों को मिले इनपुट के अनुसार, ड्रग्स तस्करी से अर्जित काले धन को वैध दिखाने के लिए कुछ कारोबारों में निवेश किया गया हो सकता है। इसी कड़ी में दिल्ली के कुछ चर्चित नाइट क्लबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। हालांकि ED ने अभी तक किसी क्लब या व्यवसाय का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
Crime News:-राजनीतिक गलियारों में भी गूंजा था मामला
मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना था। विपक्ष ने इस मामले को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर सवाल उठाए थे। वहीं जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी तरह तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
