CG News:-सरकारी वेतन बिल में हेरफेर का आरोप, प्राचार्य समेत तीन कर्मचारी निलंबित

CG News:-महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में वेतन भुगतान से जुड़ी वित्तीय अनियमितता के मामले में लोक शिक्षण संचालनालय ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर, सहायक ग्रेड-2 नारायण प्रसाद निर्मलकर और सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
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CG News:-वेतन बिल में राशि बढ़ाने का आरोप
लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के अनुसार, सहायक ग्रेड-2 नारायण प्रसाद निर्मलकर पर वेतन देयकों में वास्तविक वेतन और भत्तों की तुलना में अधिक राशि दर्शाकर भुगतान कराने का आरोप है।
आदेश के मुताबिक, जुलाई 2024 के वेतन-भत्तों में कथित तौर पर अत्यधिक वृद्धि कर वेतन देयक के जरिए कोषालय से राशि आहरित एवं संवितरित कराई गई। इसके अलावा मई 2025 से जनवरी 2026 के बीच नियमित वेतन देयकों में मूल वेतन और भत्तों की राशि ऑनलाइन बिल में बढ़ाकर ई-बिल के माध्यम से भुगतान कराने का आरोप लगाया गया है।
विभागीय आदेश में इस पूरी प्रक्रिया को शासकीय नियमों की अनदेखी और शासकीय धन को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी गंभीर वित्तीय अनियमितता के तौर पर लिया गया है।
CG News:-पहले भी सामने आया था करीब 13 लाख रुपये का मामला
इस प्रकरण से जुड़े घटनाक्रम में मार्च 2026 में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, नारायण प्रसाद निर्मलकर पर मई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच अपने पद से अधिक वेतन के रूप में करीब 13 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि आहरित करने का आरोप सामने आया था। जांच में उनके द्वारा अपने पदनाम को सहायक ग्रेड-2 से व्याख्याता एलबी के रूप में दर्शाकर वेतन में वृद्धि किए जाने की बात भी रिपोर्ट की गई थी।
उस समय सामने आए विवरण के अनुसार, निर्मलकर स्कूल के कर्मचारियों के वेतन बिल तैयार करने का काम देखते थे और बिल को प्राचार्य के डिजिटल हस्ताक्षर के बाद कोषालय से भुगतान कराया जाता था।
CG News:-प्राचार्य और दूसरे सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में
नए विभागीय आदेश में प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर और सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान को भी निलंबित किया गया है। दोनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
CG News:-आगे विभागीय जांच जारी
फिलहाल मामला विभागीय जांच के दायरे में है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वेतन बिल, ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। इसलिए निलंबन आदेश में लगाए गए आरोपों को अंतिम दोषसिद्धि के रूप में नहीं, बल्कि विभागीय कार्रवाई और जांच के आधार पर लगाए गए आरोपों के रूप में देखा जाना चाहिए।
