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Breaking News:-‘खबर हटाओ वरना…..’ खरगे परिवार से जुड़े ट्रस्ट पर रिपोर्ट के बाद पत्रकार को धमकी, FIR दर्ज

Breaking News:-बेंगलुरु में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे और उनके परिवार से जुड़े एक ट्रस्ट को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित करने वाले पत्रकार ने जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस अभी धमकी देने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान की पुष्टि कर रही है।

Breaking News:-8 और 9 सितंबर को प्रकाशित हुई थीं रिपोर्ट

मामला कन्नड़ इन्वेस्टिगेटिव डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘द फाइल’ के एडिटर और पत्रकार महांतेश भद्रावती से जुड़ा है। 50 वर्षीय भद्रावती के अनुसार, उन्होंने 8 और 9 सितंबर को खरगे परिवार से जुड़े एक ट्रस्ट के संबंध में रिपोर्ट प्रकाशित की थीं।

रिपोर्टों में इस मामले से संबंधित कर्नाटक हाईकोर्ट की टिप्पणियों का भी उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक पर साझा किए जाने के बाद उन्हें कथित तौर पर अज्ञात नंबर से फोन और WhatsApp मैसेज मिलने शुरू हुए।

Breaking News:-‘रिपोर्ट हटाओ, नहीं तो जान से मार देंगे’

पत्रकार ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि फोन करने वाले व्यक्ति ने रिपोर्ट को लेकर उनसे सवाल किए और कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत के मुताबिक, कॉलर ने रिपोर्ट हटाने का दबाव बनाया और ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी।

भद्रावती के फेसबुक पोस्ट पर भी कथित तौर पर आपत्तिजनक और गाली-गलौज वाले कमेंट किए गए।

Breaking News:-शिकायत में 21 वर्षीय युवक का नाम

शिकायत में पत्रकार ने धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान 21 वर्षीय दिलीप कुमार मालगी के रूप में बताई है। हालांकि, पुलिस ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि धमकी वास्तव में उसी व्यक्ति ने दी थी।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि संबंधित मोबाइल नंबर किसके नाम पर है और उसका इस्तेमाल वास्तव में किस व्यक्ति ने किया। जांच में कॉल रिकॉर्ड, नंबर की जानकारी और WhatsApp मैसेज समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों को देखा जा रहा है।

Breaking News:-BNS की दो धाराओं में FIR

बेंगलुरु पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 और 351(3) के तहत FIR दर्ज की है। रिपोर्टों के मुताबिक, धारा 352 जानबूझकर अपमान से संबंधित है, जबकि धारा 351(3) आपराधिक धमकी से जुड़ी है।

फिलहाल पुलिस धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान और मोबाइल नंबर के वास्तविक इस्तेमाल की पुष्टि करने में जुटी है। पहचान स्पष्ट होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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