छत्तीसगढ़

CG News:-छत्तीसगढ़ की खेल पिच पर बड़ा दांव: 100 करोड़ का मिशन, 156 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी की राह और गांवों से निकलती नई प्रतिभाएं

CG News:-छत्तीसगढ़ में खेल अब केवल मैदान तक सीमित नहीं रह गया है। राज्य सरकार ने खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण, अधोसंरचना और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए कई स्तरों पर पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के बजट में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस मिशन का उद्देश्य जमीनी स्तर पर छिपी प्रतिभाओं की पहचान, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।

CG News:-100 करोड़ के मिशन से खेल प्रतिभाओं को संवारने की तैयारी

2026-27 के बजट में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा खेल अधोसंरचना के लिए 45 करोड़ रुपये और छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। जशपुर में तीरंदाजी अकादमी और नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना की दिशा में भी काम हो रहा है।

सरकार की योजना खेल सुविधाओं को केवल बड़े शहरों तक सीमित रखने की नहीं, बल्कि संभाग, जिला और विकासखंड स्तर तक आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करने की है। इससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में मौजूद खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के अवसर मिलने की उम्मीद है।

CG News:-156 खिलाड़ियों के चयन से सरकारी नौकरी की उम्मीद

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक अहम कदम 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों का चयन है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति ने वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के बाद 20 अलग-अलग खेलों से जुड़े 156 खिलाड़ियों के चयन को अंतिम रूप दिया। इन खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में लेने के लिए सूची सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी गई है और इसके बाद आवश्यक नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है।

इसलिए इसे फिलहाल 156 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिल चुकी है कहने के बजाय 156 खिलाड़ियों के सरकारी सेवा में चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ी है कहना तथ्यात्मक रूप से ज्यादा सटीक होगा।

CG News:-ज्ञानेश्वरी यादव को मिला बड़ा सम्मान

छत्तीसगढ़ की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव की उपलब्धि ने भी प्रदेश की खेल नीति और खिलाड़ियों को मिलने वाले प्रोत्साहन को चर्चा में ला दिया है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने और आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के तहत डीएसपी पद देने की घोषणा की। ज्ञानेश्वरी इससे पहले छत्तीसगढ़ पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत थीं।

यह फैसला प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद खेल उपलब्धि को सीधे करियर और सम्मान से जोड़ने का संदेश गया है।

CG News:-बस्तर से सरगुजा तक खेल के नए मंच

छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को जमीनी स्तर पर सामने लाने के लिए बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों को भी बढ़ावा दिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े राज्य युवा आयोग के विवरण के अनुसार बस्तर ओलंपिक में करीब 4 लाख और सरगुजा ओलंपिक में करीब साढ़े 3 लाख लोगों की भागीदारी का उल्लेख किया गया है।

इन आयोजनों का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि आदिवासी और दूरस्थ इलाकों में मौजूद प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर ही अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलता है।

CG News:-पहली बार छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स

छत्तीसगढ़ के खेल परिदृश्य के लिए 2026 एक ऐतिहासिक वर्ष भी रहा। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल 2026 तक रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में हुआ। यह आयोजन विशेष रूप से जनजातीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसमें सात पदक खेल—एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, तैराकी और कुश्ती—शामिल थे, जबकि मल्लखंभ और कबड्डी प्रदर्शन खेलों के रूप में शामिल किए गए। आयोजन में देशभर के जनजातीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।

CG News:-जशपुर की तीरंदाजी प्रतिभा पर खास नजर

जशपुर को तीरंदाजी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के प्रयास भी जारी हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार यहां पहाड़ी कोरवा जनजाति की पारंपरिक तीरंदाजी क्षमता को आधुनिक प्रशिक्षण के साथ जोड़कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे ले जाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने सन्ना में आधुनिक सुविधाओं से लैस तीरंदाजी अकादमी की घोषणा की है।

जशपुर में तीरंदाजी के साथ-साथ खेल मैदानों और अन्य सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।

CG News:-कुनकुरी में 63.84 करोड़ का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

खेल अधोसंरचना के विस्तार के तहत कुनकुरी में 63 करोड़ 84 लाख रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को मंजूरी मिली है। इसमें एथलेटिक्स ट्रैक, पवेलियन, बास्केटबॉल कोर्ट, कबड्डी और खो-खो मैदान, स्विमिंग पूल, वॉलीबॉल ग्राउंड सहित कई सुविधाएं प्रस्तावित हैं।

वहीं बगीचा में करीब 2.83 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक इनडोर बैडमिंटन स्टेडियम का निर्माण शुरू होने की जानकारी भी सरकारी स्रोत में दी गई है। मयाली में एडवेंचर स्पोर्ट्स गतिविधियां भी संचालित हैं।

घोलेंग में फुटबॉल स्टेडियम के लिए भूमि चिन्हांकन किए जाने की जानकारी भी छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग ने दी है।

CG News:-खेल के साथ बेटियों की उपलब्धियों को भी सम्मान

छत्तीसगढ़ की बेटी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी को भी राज्य में सम्मान मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मार्च 2026 में नवा रायपुर स्थित अपने निवास पर उनका सम्मान किया और टाटा मोटर्स की ओर से उन्हें टाटा सिएरा कार भेंट की गई।

यह सम्मान केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि खेल से जुड़े उन पेशेवरों का भी है जो मैदान पर दिखाई दिए बिना खिलाड़ियों की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

CG News:-खेल नीति को नई दिशा देने की कोशिश

सरकार की मौजूदा पहलों को देखें तो फोकस केवल स्टेडियम बनाने तक सीमित नहीं है। प्रतिभा की पहचान, प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी, आर्थिक प्रोत्साहन और खिलाड़ियों के करियर को सुरक्षित करने जैसे पहलुओं को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के उद्देश्यों में प्रतिभाओं का चिन्हांकन और उन्हें निखारना, आधुनिक खेल अधोसंरचना तैयार करना तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है।

CG News:-अब चुनौती उपलब्धियों को लगातार बनाए रखने की

छत्तीसगढ़ में खेलों को लेकर बढ़ता बजट, नई अधोसंरचना, जनजातीय क्षेत्रों में प्रतियोगिताएं और खिलाड़ियों को सम्मान निश्चित तौर पर एक मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। लेकिन इस पूरी व्यवस्था की असली सफलता इस बात से तय होगी कि इन सुविधाओं से कितने नए खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचते हैं और उन्हें लंबे समय तक उच्चस्तरीय प्रशिक्षण व प्रतियोगिता का अवसर कितना मिलता है।

फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ में खेलों को लेकर सरकार का फोकस अब बड़े शहरों से आगे बढ़कर गांव, आदिवासी अंचल और जमीनी प्रतिभाओं तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। 100 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन से लेकर 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सरकारी सेवा की प्रक्रिया और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे बड़े आयोजनों तक—प्रदेश में एक ऐसा खेल इकोसिस्टम तैयार करने की कोशिश हो रही है, जिसमें प्रतिभा को मंच, प्रशिक्षण और सम्मान तीनों मिल सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *