CG High Court:-हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: हसदेव नदी की रेत खदान का टेंडर रद्द, बिना फाइनल रिपोर्ट नीलामी पर रोक

CG High Court:-छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में हसदेव नदी की प्रस्तावित रेत खदान को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि बिना अंतिम जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) के किसी भी रेत खदान की नीलामी नहीं की जा सकती। इसी के चलते हथनेवरा गांव में प्रस्तावित रेत खदान का टेंडर रद्द कर दिया गया।
यह मामला ग्राम पंचायत हथनेवरा का है, जहां प्रशासन ने रेत खनन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी। गांव के सरपंच ने इस प्रक्रिया को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनका कहना था कि प्रशासन ने पांच साल पुरानी रिपोर्ट और नई ड्राफ्ट रिपोर्ट के आधार पर टेंडर जारी किया, जबकि नियमों के मुताबिक फाइनल और स्वीकृत DSR रिपोर्ट जरूरी होती है।
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सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि केवल ड्राफ्ट रिपोर्ट वेबसाइट पर डाल देना पर्याप्त नहीं है। पहले जनता से आपत्तियां मांगी जानी चाहिए, फिर कलेक्टर की मंजूरी के बाद ही रिपोर्ट को अंतिम माना जाएगा।
राज्य सरकार ने कोर्ट में दलील दी कि नई रिपोर्ट 27 नवंबर 2025 को ऑनलाइन अपलोड की गई थी और टेंडर प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। सरकार ने यह भी कहा कि रोक लगाने से राजस्व का नुकसान होगा। हालांकि कोर्ट ने माना कि यह सिर्फ ड्राफ्ट रिपोर्ट थी और उसे अंतिम मंजूरी नहीं मिली थी।
सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने रेत खदान का टेंडर रद्द कर दिया। साथ ही सरकार को नियमों के अनुसार नई और स्वीकृत DSR रिपोर्ट तैयार कर दोबारा टेंडर जारी करने की अनुमति दी है।
CG High Court:-क्या है DSR रिपोर्ट?
जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (District Survey Report) किसी भी क्षेत्र में रेत खनन की अनुमति देने से पहले तैयार की जाती है। इसमें पर्यावरण, नदी की स्थिति, भूगर्भीय प्रभाव और स्थानीय स्थिति का अध्ययन किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार बिना फाइनल DSR के खनन शुरू होने से पर्यावरण और नदी तंत्र को नुकसान पहुंच सकता है।
