Jantar Mantar Protes:-SC में केंद्र का बड़ा वादा: छात्रों पर नहीं होगी कार्रवाई, लेकिन 2700 गंभीर आरोपियों की FIR रहेगी बरकरार

Jantar Mantar Protes:-NEET-UG 2026 पेपर लीक के विरोध में हुए जंतर-मंतर छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बड़ा आश्वासन दिया। सरकार ने अदालत से कहा कि आंदोलन में शांतिपूर्वक शामिल छात्रों के खिलाफ कोई नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी और उनके विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान हिंसा, आगजनी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में दर्ज करीब 2,700 FIR वापस नहीं ली जाएंगी।
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Jantar Mantar Protes:-सॉलिसिटर जनरल ने दोहराया सरकार का वादा
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार छात्रों के संबंध में किए गए अपने वादे पर कायम है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों को कानूनी कार्रवाई से राहत मिलेगी, लेकिन गंभीर आपराधिक मामलों में कानून अपना काम करता रहेगा।
Jantar Mantar Protes:-पुलिस की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग उठाई। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी ने आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया है तो उसे संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। वहीं अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्र आंदोलन की आड़ में किसी गंभीर अपराध में शामिल व्यक्ति को राहत नहीं दी जा सकती।
Jantar Mantar Protes:-36 दिन चला था देशव्यापी आंदोलन
NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक आंदोलन चला। आंदोलन के दौरान परीक्षा सुधार, छात्रों पर दर्ज मामलों को हटाने और जवाबदेही तय करने जैसी प्रमुख मांगें उठाई गई थीं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार की ओर से कई आश्वासनों के बाद आंदोलन समाप्त किया गया था।
Jantar Mantar Protes:-पहले भी कोर्ट ने दिए थे अहम निर्देश
28 जुलाई की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया था कि जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। अदालत ने CCTV फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, बॉडी कैमरा वीडियो, PCR लॉग और वायरलेस रिकॉर्ड सहित सभी डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया था। मामले की अगली सुनवाई में केंद्र और राज्यों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की जाएगी।
