Aashadh Amavasya 2026:आज है आषाढ़ अमावस्या: इस एक दिन बदल सकते हैं आपके कई काम, जानिए पूजा का शुभ समय और किन घड़ियों से रहें सावधान

आषाढ़ अमावस्या 2026: आज बन रहे शुभ संयोग, जानें पूजा का सही मुहूर्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
Aashadh Amavasya 2026: आज, 14 जुलाई को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है। सनातन धर्म में अमावस्या का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन पितरों का स्मरण, दान-पुण्य, स्नान और भगवान विष्णु, शिव तथा पीपल वृक्ष की पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है। संयोग से आज मंगलवार भी है, इसलिए भगवान हनुमान की आराधना का महत्व और बढ़ गया है। मान्यता है कि इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ, सुंदरकांड का पाठ और बजरंगबली की पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है तथा साहस, आत्मबल और सफलता का आशीर्वाद मिलता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त तर्पण, गरीबों को अन्न-वस्त्र का दान और जरूरतमंदों की सहायता करना अत्यंत शुभ माना जाता है। वहीं शुभ कार्यों की शुरुआत से पहले राहुकाल और अन्य अशुभ मुहूर्त का ध्यान रखना भी आवश्यक है।
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Aashadh Amavasya 2026:आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:06 बजे से 12:59 बजे तक
- अमृत काल: रात 10:01 बजे से 11:26 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:17 बजे से 5:05 बजे तक
Aashadh Amavasya 2026:आज के अशुभ काल
- राहुकाल: दोपहर 3:52 बजे से शाम 5:31 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 9:13 बजे से 10:53 बजे तक
- कुलिक काल: दोपहर 12:32 बजे से 2:12 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 8:33 बजे से 9:26 बजे तक एवं रात 11:28 बजे से 12:11 बजे तक
- वर्ज्यम्: दोपहर 1:30 बजे से 2:55 बजे तक
Aashadh Amavasya 2026:सूर्य और चंद्रमा का समय
- सूर्योदय: सुबह 5:53 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:11 बजे
- चंद्रोदय: सुबह 5:22 बजे
- चंद्रास्त: शाम 7:29 बजे
Aashadh Amavasya 2026:क्या करें और क्या न करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण, दान-पुण्य, पीपल वृक्ष की पूजा और हनुमान जी की उपासना करना शुभ माना जाता है। वहीं इस दिन विवाद, क्रोध और किसी का अपमान करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि किसी नए कार्य की शुरुआत करनी हो तो शुभ मुहूर्त का ध्यान अवश्य रखें।
