छत्तीसगढ़

Ganeshotsav 2026:-नियमों की सख्ती या समितियों की परेशानी? डिप्टी CM अरुण साव ने अधिकारियों को दिया साफ संदेश—‘अनावश्यक परेशान न करें’

Ganeshotsav 2026:-रायपुर/छत्तीसगढ़। गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक नियमों और औपचारिकताओं को लेकर गणेश उत्सव समितियों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। इसी बीच उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि गणेशोत्सव समितियों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।

राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अलग-अलग शहरों में गणेशोत्सव को लेकर पुलिस और प्रशासन समितियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। सुरक्षा, यातायात, पंडाल, पार्किंग, सीसीटीवी और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। रायपुर में भी कमिश्नरेट पुलिस ने गणेश उत्सव समितियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की थी।

Ganeshotsav 2026:-‘नियम जरूरी हैं, लेकिन बेवजह की परेशानी नहीं’

डिप्टी सीएम अरुण साव ने अधिकारियों से कहा कि गणेश उत्सव समितियों के सामने आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। समितियों के साथ संवाद स्थापित कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई जाएं, लेकिन प्रक्रिया ऐसी न हो जिससे आयोजकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़े।

यह निर्देश ऐसे समय आया है जब प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशासन गणेशोत्सव के शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन के लिए समितियों को नियमों की जानकारी दे रहा है। कई जगह पंडालों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, ध्वनि नियंत्रण और विसर्जन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

Ganeshotsav 2026:-आस्था के पर्व में प्रशासन देगा सहयोग

अरुण साव ने कहा कि गणेशोत्सव प्रदेश में आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी केवल नियम लागू करना ही नहीं, बल्कि आयोजकों के साथ समन्वय बनाकर उत्सव को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग करना भी है।

उन्होंने गणेश उत्सव समितियों से भी अपील की है कि वे किसी तरह की अनावश्यक चिंता न करें। प्रशासन आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करेगा, ताकि प्रदेशभर में गणेशोत्सव श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया जा सके।

Ganeshotsav 2026:-क्या है पूरा संदेश?

नियमों का पालन जरूर होगा, लेकिन नियमों के नाम पर गणेशोत्सव समितियों को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा। डिप्टी CM अरुण साव के निर्देश के बाद अब अधिकारियों की भूमिका समितियों के लिए केवल सख्ती करने वाली नहीं, बल्कि सहयोग और समाधान देने वाली भी होगी।

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