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Business Update:-Tata Sons में बड़ा Power Shift! एन. चंद्रशेखरन ने छोड़ी तीसरे कार्यकाल की दौड़, Noel Tata से खींचतान के बीच फरवरी 2027 तक संभालेंगे कमान

Business Update:-मुंबई। टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी Tata Sons में नेतृत्व को लेकर चल रहा लंबे समय का गतिरोध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने तीसरे कार्यकाल के लिए अपनी दावेदारी आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि वे तुरंत चेयरमैन पद छोड़ रहे हैं। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक है और वे तब तक पद पर बने रहने की उम्मीद है।

चंद्रशेखरन का यह फैसला 18 अगस्त 2026 को होने वाली Tata Sons की AGM से कुछ दिन पहले आया है। AGM में उनके बोर्ड में निदेशक के रूप में पुनर्नियुक्ति का प्रस्ताव महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल है। बोर्ड में निदेशक बने रहना उनके चेयरमैन के रूप में जारी रहने के लिए महत्वपूर्ण है।

Business Update:-Noel Tata से मतभेद की चर्चा

चंद्रशेखरन के कार्यकाल को आगे बढ़ाने को लेकर Tata Sons और Tata Trusts के बीच पिछले कई महीनों से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। Tata Trusts के चेयरमैन नोएल टाटा भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर बोर्ड में सर्वसम्मति नहीं बन पाई थी। खुद चंद्रशेखरन ने कहा है कि उन्होंने तब आगे नहीं बढ़ने का निर्णय लिया जब उन्हें बोर्ड का सर्वसम्मत समर्थन नहीं मिला।

इसलिए यह कहना ज्यादा सटीक होगा कि टाटा संस के बोर्ड और टाटा ट्रस्ट्स के बीच नेतृत्व को लेकर खींचतान इस फैसले की पृष्ठभूमि में रही, न कि इसे केवल नोएल टाटा से व्यक्तिगत मतभेद का परिणाम बताया जाए।

Business Update:-2017 में संभाली थी Tata Sons की कमान

एन. चंद्रशेखरन जनवरी 2017 में Tata Sons के चेयरमैन बने थे। इससे पहले वे TCS के प्रमुख रह चुके थे। वे टाटा परिवार से बाहर के पहले पेशेवर मैनेजर थे, जिन्होंने समूह की शीर्ष होल्डिंग कंपनी की कमान संभाली।

उनके नेतृत्व में Tata Group ने एयरलाइन कारोबार, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी, डिजिटल और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में बड़े निवेश किए। Air India का अधिग्रहण भी इसी दौर का बड़ा फैसला रहा।

Business Update:-कारोबार के आंकड़ों में बड़ा उछाल

Tata Group के FY26 आंकड़ों के मुताबिक, समूह का कुल राजस्व ₹16.24 लाख करोड़ रहा, जबकि कुल प्रॉफिट आफ्टर टैक्स करीब ₹1.71 लाख करोड़ रहा। कंपनी के अनुसार FY20 की तुलना में समूह का राजस्व करीब 2.1 गुना और मुनाफा करीब 5.4 गुना हो चुका है।

हालांकि, समूह के कुछ नए और रणनीतिक कारोबारों पर दबाव भी है। FY26 में Air India को ₹22,238 करोड़ का नुकसान हुआ, जबकि Tata Digital, Tata Electronics और बैटरी कारोबार Agratas में भी घाटा दर्ज किया गया। यही नए कारोबारों में निवेश और उनकी profitability भी नेतृत्व को लेकर हुई चर्चाओं का एक हिस्सा रही है।

Business Update:-18 अगस्त की AGM क्यों अहम?

18 अगस्त की AGM अब बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में चंद्रशेखरन के निदेशक पद पर पुनर्नियुक्ति से जुड़ा प्रस्ताव प्रमुख मुद्दा है। इससे पहले उनके तीसरे कार्यकाल को लेकर बोर्ड में चर्चा हुई थी, लेकिन फरवरी से यह मुद्दा लगातार टलता रहा।

अब चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल से पीछे हटने के बाद Tata Group की अगली कमान किसे मिलेगी, यह बड़ा सवाल बन गया है। फिलहाल वे फरवरी 2027 तक अपने मौजूदा कार्यकाल में समूह की कमान संभालते रहेंगे।

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