Chhattisgarh News:-धान खरीदी केंद्र में बड़ा घोटाला! मिट्टी-कंकड़ मिलाकर भर रहे थे धान की कमी, दो आरोपी गिरफ्तार; कलेक्टर पर लगाए गंभीर आरोप

Chhattisgarh News:-छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक स्थित पुटीडीह धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी को लेकर सामने आई अनियमितताओं का मामला अब फिर सुर्खियों में है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, केंद्र में बड़ी मात्रा में धान की कमी सामने आने के बाद बोरियों में मिट्टी और कंकड़ मिलाकर वजन की कमी पूरी करने की कोशिश का मामला सामने आया था। जनवरी 2026 में प्रकाशित रिपोर्टों में करीब 3,200 क्विंटल धान की कमी और इसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹99.20 लाख बताई गई थी।
रिपोर्टों के अनुसार, जांच के दौरान कुछ बोरियों में 5 से 10 किलो तक मिट्टी और कंकड़ मिलने की बात सामने आई थी। एक अन्य प्रकाशित रिपोर्ट में ऑनलाइन खरीदी के आंकड़ों की तुलना में करीब 8,000 बोरी धान की कमी का भी उल्लेख किया गया था।
READ MORE:- बालोद में रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिलने से हड़कंप, ट्रेन की चपेट में आने की आशंका
मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने के बाद केंद्र से जुड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच के दायरे में आई। आपके उपलब्ध दस्तावेज/जानकारी के अनुसार, बाद में संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई के खिलाफ भी कार्रवाई की गई और दोनों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। हालांकि, इस गिरफ्तारी की स्वतंत्र पुष्टि के लिए पुलिस की आधिकारिक सूचना या एफआईआर की प्रति को प्राथमिक स्रोत माना जाना चाहिए।

Chhattisgarh News:-कलेक्टर पर गंभीर आरोप
मामले में एक नया विवाद तब सामने आया जब आरोपी पक्ष की ओर से सक्ती कलेक्टर के खिलाफ मानवाधिकार आयोग में शिकायत किए जाने की बात कही गई। शिकायत में कलेक्टर पर टॉयलेट साफ कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके समर्थन में एक वीडियो का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें संबंधित व्यक्ति टॉयलेट साफ करता दिखाई दे रहा है।

वहीं, कलेक्टर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे कार्रवाई से बचने की कोशिश बताया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कलेक्टर का कहना है कि संबंधित व्यक्ति पर भ्रष्टाचार संबंधी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी और वीडियो के जरिए प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
Chhattisgarh News:-असली सवाल अब जांच पर
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि धान की कमी कैसे हुई, खरीदी केंद्र की निगरानी व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई और बोरियों में मिट्टी-कंकड़ मिलाने की कोशिश में कौन-कौन लोग शामिल थे। इन सवालों का अंतिम जवाब पुलिस जांच और आधिकारिक जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा।
