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NEET 2026:-पेपर लीक का ‘मनी ट्रेल’ ED के रडार पर, ECIR से खुलेगा करोड़ों के खेल का राज! कई राज्यों के मामलों पर बढ़ी जांच की नजर

NEET 2026:-पेपर लीक और भर्ती परीक्षा घोटालों पर जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। अब जांच का फोकस सिर्फ यह पता लगाने तक सीमित नहीं है कि पेपर कहां से लीक हुआ और किसने किया, बल्कि कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क में पैसे का लेन-देन कैसे हुआ और अपराध से अर्जित रकम कहां पहुंची, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने अलग-अलग पेपर लीक मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से कार्रवाई की है। राजस्थान के सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में ED ने 13 जून 2024 को ECIR दर्ज कर PMLA के तहत जांच शुरू की थी। राजस्थान हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में ECIR का आधार संबंधित FIRs को बताया गया है।

इसी तरह NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में भी ED ने ECIR दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की थी। जांच का आधार CBI की कार्रवाई और सामने आए कथित बड़े पैमाने के नकद लेन-देन को बताया गया। ED ने इस मामले में पटना, नालंदा और रांची समेत कई स्थानों पर तलाशी भी ली थी।

NEET 2026:-अब ‘मनी ट्रेल’ पर नजर

PMLA के तहत ED की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा Proceeds of Crime यानी अपराध से अर्जित आय का पता लगाना होता है। पेपर लीक मामलों में एजेंसी यह देख सकती है कि कथित तौर पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के बदले कितनी रकम ली गई, रकम किन खातों या लोगों तक पहुंची और उसे आगे किस तरह इस्तेमाल किया गया।

NEET-UG 2024 मामले में जांच एजेंसियों ने पहले ही कथित तौर पर प्रश्नपत्र और उम्मीदवारों के बीच पैसों के लेन-देन की कड़ियां सामने आने की बात कही थी। वहीं, पुराने TSPSC पेपर लीक मामले में भी ED ने ECIR दर्ज किया था और जांच का फोकस कथित अवैध आर्थिक लेन-देन पर था।

NEET 2026:-पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा?

पेपर लीक की जांच में कई मामलों में सिर्फ एक आरोपी तक मामला सीमित नहीं रहा। NEET-UG 2026 मामले में CBI की जांच ने महाराष्ट्र, राजस्थान और हरियाणा समेत कई राज्यों तक फैले नेटवर्क का खुलासा किया है। रिपोर्टों के अनुसार जांच में कथित तौर पर पेपर सॉल्वर, बिचौलियों, छात्रों और अन्य लोगों की भूमिका सामने आई है।

वहीं राजस्थान में NEET-UG मामले की जांच के दौरान भी अलग-अलग राज्यों तक पहुंचने वाली कथित कड़ियों की जानकारी सामने आई थी।

NEET 2026:-NEET-UG 2026 पर जरूरी तथ्य

आपके दिए गए मूल कंटेंट में NEET-UG 2026 में ED की जल्द एंट्री संभव होने की बात है। इसकी फिलहाल विश्वसनीय आधिकारिक पुष्टि मुझे नहीं मिली। इसलिए इसे खबर में तथ्य के रूप में लिखना उचित नहीं होगा। फिलहाल NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की जांच और चार्जशीट से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।

NEET 2026:-छत्तीसगढ़ कनेक्शन भी अहम

पेपर लीक के खिलाफ ED की कार्रवाई का एक ताजा उदाहरण छत्तीसगढ़ से भी सामने आया है। ED के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, रायपुर जोनल ऑफिस ने 25 जुलाई 2026 को तत्कालीन CGPSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया, जिसमें 2020-21 की CGPSC राज्य सेवा परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और कथित हेरफेर से जुड़े आरोपों की PMLA के तहत जांच का उल्लेख है।

इससे साफ है कि परीक्षा घोटालों की जांच अब केवल परीक्षा केंद्र, पेपर लीक और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह रही। जांच एजेंसियां कथित आर्थिक नेटवर्क, लेन-देन और अपराध से अर्जित संपत्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

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