धर्म

Baisakhi 2026:- सिख नववर्ष और खालसा स्थापना दिवस की तैयारियां तेज, जानें किस दिन मनाया जाएगा पर्व

Baisakhi 2026:- बैसाखी का पर्व देशभर में बड़े उत्साह के साथ मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। यह सिख धर्म का एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पर्व है, जो केवल फसल कटाई का उत्सव नहीं बल्कि एक बड़ी आध्यात्मिक घटना का प्रतीक भी है। इस वर्ष बैसाखी 14 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।


बैसाखी का महत्व: खेती और खुशहाली का पर्व

बैसाखी किसानों के लिए रबी फसल के पकने की खुशी का प्रतीक है। खेतों में लहलहाती सुनहरी फसल देखकर किसान भगवान का आभार व्यक्त करते हैं।
गांवों में ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ भांगड़ा और गिद्दा नृत्य किए जाते हैं, जिससे पूरे माहौल में उत्सव की रौनक छा जाती है।


धार्मिक आयोजन और परंपराएं

इस अवसर पर गुरुद्वारों में विशेष अरदास और कीर्तन आयोजित किए जाते हैं।
पंजाब और हरियाणा में भव्य नगर कीर्तन निकाले जाते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।

-लंगर और मेलों के जरिए लोग एक साथ मिलकर इस पर्व की खुशियां साझा करते हैं।


खालसा पंथ स्थापना: इतिहास की अहम घटना

साल 1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। उस समय समाज में फैले भेदभाव और अत्याचार को समाप्त करने के लिए एक साहसी और समानता पर आधारित समुदाय की नींव रखी गई।
पंच प्यारों को अमृत छकाकर खालसा पंथ की शुरुआत की गई, जो सिख इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक मानी जाती है।


सौर नववर्ष की शुरुआत

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है, जिसे मेष संक्रांति कहा जाता है। इसी के साथ सौर नववर्ष की शुरुआत होती है। देश के विभिन्न राज्यों में इस दिन को अलग-अलग परंपराओं के साथ नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है।


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