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Breaking News:-“ईरान से प्यार है तो वहीं चले जाएं…” – इफ्तार में सेना प्रमुख आसिम मुनीर का बयान, शिया समुदाय में नाराजगी

Breaking News:-पाकिस्तान के रावलपिंडी में आयोजित एक इफ्तार पार्टी के दौरान सेना प्रमुख आसिम मुनीर का बयान विवादों में आ गया है। उन्होंने शिया धर्मगुरुओं से कहा कि “जो लोग ईरान से इतना प्यार करते हैं, वे वहां चले जाएं।”
इस बयान के बाद शिया समुदाय में नाराजगी फैल गई है। समुदाय के नेताओं ने इसे अपमानजनक और भड़काऊ बताया है।
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Breaking News:-क्या कहा गया था?
- आसिम मुनीर ने कहा कि
-किसी को भी देश में अफरा-तफरी फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी
-दूसरे देशों के मुद्दों पर पाकिस्तान में हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी - उन्होंने शिया समुदाय पर अप्रत्यक्ष रूप से आरोप लगाए कि वे बाहरी प्रभाव में आकर अशांति फैला रहे हैं
Breaking News:-शिया समुदाय की प्रतिक्रिया
शिया नेताओं ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी:
- यह बयान उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाता है
- धार्मिक जुड़ाव को देश के खिलाफ दिखाना गलत है
- उन्होंने कहा कि उनकी निष्ठा पाकिस्तान और इस्लाम दोनों के प्रति है
धर्मगुरु मोहम्मद शिफा नजफी ने मौके पर ही विरोध जताया
उन्होंने कहा कि पूरे समुदाय को दोषी ठहराना गलत है
Breaking News:-बीच में ही छोड़ दिया कार्यक्रम
रिपोर्ट्स के अनुसार:
- इफ्तार के बाद दोबारा बातचीत की योजना थी
- लेकिन आसिम मुनीर अचानक कार्यक्रम छोड़कर चले गए
- इससे धर्मगुरुओं ने इसे अपमानजनक व्यवहार माना
Breaking News:-विवाद की वजह क्या है?
यह विवाद ऐसे समय में हुआ जब:
| कारण | विवरण |
|---|---|
| ईरान से जुड़ाव | शिया समुदाय का धार्मिक संबंध ईरान से माना जाता है |
| विरोध प्रदर्शन | ईरान के घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान में प्रदर्शन हुए |
| गिलगित-बाल्टिस्तान हिंसा | अशांति के लिए शिया नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया गया |
विदेश नीति का भी असर
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- पाकिस्तान अब सऊदी अरब और उसके सहयोगियों के करीब जा रहा है
- पहले वह ईरान और खाड़ी देशों के बीच संतुलन बनाए रखता था
- इस बदलाव का असर देश की आंतरिक राजनीति पर भी दिख रहा है
हाल के विरोध प्रदर्शन
- कराची: प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास में घुसने की कोशिश
- इस्लामाबाद: पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया
- स्कार्दू: संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में आगजनी
- गिलगित-बाल्टिस्तान: कई लोगों की मौत की खबर
आधिकारिक बयान क्या कहता है?
पाकिस्तानी सेना ने अपने बयान में कहा:
इफ्तार बैठक का मकसद राष्ट्रीय एकता बढ़ाना था
सभी से सांप्रदायिक तनाव से बचने की अपील की गई
