छत्तीसगढ़

Supreme Court on CBSE:-CBSE के OSM सिस्टम पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- ‘छोटे बच्चों की निराशा देखिए’, केंद्र और बोर्ड से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

Supreme Court on CBSE:-CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) यानी डिजिटल उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन प्रणाली को लेकर छात्रों की शिकायतों पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि छोटे बच्चों की निराशा और हताशा को हल्के में नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने केंद्र सरकार और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से पूछा है कि इस व्यवस्था में सुधार के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लेकर छात्रों में बढ़ती असंतुष्टि चिंता का विषय है। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे।

सुनवाई के दौरान अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस मामले में सहयोग करने को कहा और स्पष्ट किया कि सरकार को इसे विरोध के रूप में नहीं, बल्कि छात्रों के हित से जुड़े मुद्दे के रूप में देखना चाहिए।

Supreme Court on CBSE:-सरकार ने बनाई समीक्षा समिति

केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि पूर्व आईएएस अधिकारी एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति गठित की गई है। यह समिति CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली की विस्तृत समीक्षा करेगी और आवश्यक सुधारों के संबंध में अपनी सिफारिशें देगी।

Supreme Court on CBSE:-स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और CBSE को इस संबंध में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद यह तय किया जाएगा कि आगे क्या कदम उठाए जाने चाहिए। मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी।

Supreme Court on CBSE:-क्या है OSM (On-Screen Marking) सिस्टम?

OSM (On-Screen Marking) एक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली है, जिसमें परीक्षकों को उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाती है। वे कंप्यूटर पर ही उत्तरों का मूल्यांकन करते हैं। इसका उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। हालांकि, कई छात्रों और शिक्षकों ने इस प्रणाली में तकनीकी और मूल्यांकन संबंधी खामियों की शिकायतें उठाई हैं, जिन पर अब सुप्रीम कोर्ट ने भी गंभीर चिंता व्यक्त की है।

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