इकॉनमी

IPO 2026:-30 हजार करोड़ का धमाका! NSE ला सकता है भारत का सबसे बड़ा IPO, टूट सकते हैं सभी पुराने रिकॉर्ड

IPO 2026:-भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने की तैयारी है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज National Stock Exchange of India (NSE) ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफर) की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India (SEBI) और BSE Limited (BSE) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है। अनुमान है कि यह इश्यू करीब 30,000 करोड़ रुपये का हो सकता है, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है।

IPO 2026:-क्या है खास?

NSE का यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) आधारित होगा। इसका मतलब है कि कंपनी कोई नया शेयर जारी नहीं करेगी और न ही इस प्रक्रिया से नया फंड जुटाएगी। इसके बजाय मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अनलिस्टेड मार्केट में NSE की वैल्यूएशन करीब 5 लाख करोड़ रुपये आंकी जा रही है। ऐसे में यदि करीब 6 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेची जाती है, तो इश्यू का आकार 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

IPO 2026:-टूट सकते हैं पुराने रिकॉर्ड

यदि यह IPO अनुमानित आकार तक पहुंचता है तो यह भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन जाएगा।

IPOआकार
Hyundai Motor India₹27,000 करोड़
LIC₹20,557 करोड़
NSE (संभावित)₹30,000 करोड़

IPO 2026:-कौन बेच रहा है शेयर?

इस मेगा IPO में कई बड़े संस्थागत निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं—

  • भारतीय स्टेट बैंक (SBI) – लगभग 2.47 करोड़ शेयर
  • MS Strategic Ltd – लगभग 1.60 करोड़ शेयर
  • Canada Pension Plan Investment Board (CPPIB) – लगभग 1.18 करोड़ शेयर

हालांकि, Life Insurance Corporation of India (LIC) इस बार अपने शेयर नहीं बेचेगी और अपनी रणनीतिक हिस्सेदारी बनाए रखेगी।

IPO 2026:-BSE पर होगी NSE की लिस्टिंग

दिलचस्प बात यह है कि NSE के शेयर BSE पर सूचीबद्ध होंगे, जबकि BSE के शेयर पहले से NSE पर ट्रेड होते हैं। इससे दोनों प्रमुख एक्सचेंज एक-दूसरे पर क्रॉस-लिस्टेड हो जाएंगे।

IPO 2026:-क्यों महत्वपूर्ण है यह IPO?

NSE देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और भारतीय शेयर बाजार के अधिकांश ट्रेडिंग वॉल्यूम का संचालन करता है। ऐसे में इसका सार्वजनिक होना निवेशकों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है। साथ ही इससे भारतीय पूंजी बाजार में पारदर्शिता और निवेशकों की भागीदारी और मजबूत होने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी मंजूरियां समय पर मिल जाती हैं, तो यह IPO भारतीय वित्तीय बाजार के इतिहास में नया रिकॉर्ड बना सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *