Health Tips:-बदलते मौसम में गले की खराश से लेकर खांसी तक, मुलेठी के ये 5 फायदे जान लीजिए; सेवन से पहले समझें जरूरी सावधानियां

Health Tips:-मौसम में बदलाव के साथ गले में खराश, खांसी और पाचन से जुड़ी परेशानियां कई लोगों को होने लगती हैं। ऐसे में घरों में इस्तेमाल होने वाली मुलेठी का जिक्र अक्सर सुनने को मिलता है। हल्के मीठे स्वाद वाली मुलेठी का इस्तेमाल आयुर्वेदिक परंपरा में लंबे समय से किया जाता रहा है। इसे गले और मुंह से जुड़ी कुछ परेशानियों में राहत के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि, मुलेठी को हर बीमारी का इलाज मानना सही नहीं है। अमेरिका के नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंटरी एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ (NCCIH) के अनुसार, मुलेठी के कई स्वास्थ्य संबंधी दावों की पुष्टि के लिए अभी पर्याप्त उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में इसका इस्तेमाल सावधानी से करना जरूरी है।
Health Tips:-मुलेठी से जुड़ी ये 5 बातें जानना जरूरी
1. गले की खराश में मिल सकती है राहत
मुलेठी का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से गले की परेशानी और जलन से राहत पाने के लिए किया जाता है। कुछ अध्ययनों में मुलेठी के अर्क से बने गरारे या लॉजेंज से विशेष परिस्थितियों में गले की तकलीफ कम होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, इससे हर तरह की खराश ठीक हो जाएगी, ऐसा कहना सही नहीं है।
2. खांसी में हो सकती है मदद
मुलेठी का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से खांसी और सांस से जुड़ी कुछ परेशानियों में किया जाता रहा है। कुछ शुरुआती शोध भी इसके संभावित लाभ की ओर इशारा करते हैं, लेकिन सामान्य मुलेठी के पाउडर को खांसी का प्रमाणित इलाज नहीं माना जा सकता। यदि खांसी लंबे समय तक बनी रहे या सांस लेने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
3. पाचन संबंधी परेशानी में सावधानी जरूरी
मुलेठी का इस्तेमाल पाचन से जुड़ी समस्याओं के लिए भी किया जाता है। हालांकि, पेट की हर परेशानी में इसके फायदे साबित नहीं हुए हैं। पेट में लगातार दर्द, जलन या अपच होने पर केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
4. पेट के अल्सर के मामले में हर मुलेठी एक जैसी नहीं
कुछ विशेष प्रकार के मुलेठी उत्पादों, खासकर ग्लाइसिराइजिन नामक घटक को हटाकर तैयार किए गए उत्पादों (DGL), पर पाचन संबंधी समस्याओं को लेकर अध्ययन हुए हैं। लेकिन सामान्य मुलेठी के पाउडर को पेट के अल्सर का इलाज मानना उचित नहीं है। अल्सर की आशंका होने पर डॉक्टर की सलाह से जांच और उपचार कराएं।
5. मुंह की कुछ परेशानियों में भी हो सकती है उपयोगी
कुछ शुरुआती अध्ययनों में मुलेठी के अर्क से बने माउथवॉश या गरारे का इस्तेमाल मुंह के छालों और सांस की दुर्गंध जैसी समस्याओं में संभावित लाभ से जुड़ा पाया गया है। लेकिन इन परिणामों को मुलेठी का पाउडर पीने के बराबर नहीं माना जा सकता। मुंह में बार-बार छाले होने या परेशानी लंबे समय तक बने रहने पर डॉक्टर से सलाह लें।
Health Tips:-क्या गुनगुने पानी में मुलेठी का पाउडर मिलाकर पीना सही है?
मुलेठी को गुनगुने पानी में मिलाकर पीना एक घरेलू तरीका है, लेकिन इसके लिए सभी लोगों पर लागू होने वाली कोई प्रमाणित खुराक तय नहीं है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के इसे रोजाना या लंबे समय तक पीने की आदत नहीं बनानी चाहिए।
Health Tips:-मुलेठी का सेवन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
मुलेठी में मौजूद ग्लाइसिराइजिन का अधिक या लंबे समय तक सेवन शरीर में पोटैशियम का स्तर घटा सकता है और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। गंभीर मामलों में दिल की धड़कन अनियमित होने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
- हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोग मुलेठी का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।
- गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके औषधीय इस्तेमाल से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
- यदि आप ब्लड प्रेशर, पेशाब बढ़ाने वाली या दूसरी नियमित दवाएं लेते हैं, तो मुलेठी के संभावित दुष्प्रभावों और दवाओं के साथ उसके असर के बारे में डॉक्टर से पूछें।
- मुलेठी का अधिक सेवन न करें और इसे डॉक्टर द्वारा बताए गए इलाज का विकल्प न बनाएं।
