Chhattisgarh Politics:-छत्तीसगढ़ के कोयले से बिजली, फिर जनता को राहत क्यों नहीं? भूपेश बघेल ने उठाए सवाल, अडानी को लेकर भी बड़ा दावा

डोंगरगढ़ दौरे पर पूर्व CM का बिजली व्यवस्था पर निशाना, भिलाई स्टील प्लांट को लेकर जताई चिंता; धर्मांतरण और आरक्षण पर भी रखी अपनी बात
Chhattisgarh Politics:-छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को अपने एकदिवसीय प्रवास पर डोंगरगढ़ पहुंचे बघेल ने मां बम्लेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन के लिए प्रदेश के कोयले और पानी जैसे संसाधनों का इस्तेमाल होता है, इसके बावजूद आम जनता को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने राज्य के संसाधनों का लाभ प्रदेश के लोगों को मिलने की जरूरत पर जोर दिया।
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Chhattisgarh Politics:-बिजली व्यवस्था पर भूपेश बघेल का सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई बिजली संयंत्र संचालित हैं और यहां बिजली उत्पादन के लिए स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग किया जाता है। ऐसे में प्रदेश की जनता को बिजली के मामले में राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने बिजली और महंगाई को आम लोगों से जुड़ा अहम मुद्दा बताते हुए मौजूदा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

हालांकि, बिजली की कीमतों, उत्पादन लागत और उपभोक्ताओं को मिलने वाली राहत के संबंध में बघेल ने जो सवाल उठाए, उनके संदर्भ में सरकार या बिजली वितरण कंपनी का पक्ष सामने आना बाकी है।
Chhattisgarh Politics:-भिलाई स्टील प्लांट को लेकर अडानी समूह पर लगाया आरोप
बघेल ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और प्राकृतिक संसाधनों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि अडानी समूह की नजर भिलाई स्टील प्लांट पर है। इसके साथ ही उन्होंने तमनार, हसदेव और नंदी पहाड़ का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश के संसाधनों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर अडानी समूह का प्रभाव बढ़ रहा है।
उन्होंने एसीसी सीमेंट और बिजली उत्पादन से जुड़े प्रतिष्ठानों का भी जिक्र किया। हालांकि, भिलाई स्टील प्लांट को लेकर उनके दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस मुद्दे पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

Chhattisgarh Politics:-धर्मांतरण और आरक्षण पर क्या बोले पूर्व मुख्यमंत्री?
मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल से धर्मांतरण के बाद आरक्षण के लाभ से जुड़े सवाल भी पूछे गए। इस पर उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के मामलों में संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के मामले में धर्म परिवर्तन मात्र के आधार पर आरक्षण से वंचित करने का सवाल अलग कानूनी और संवैधानिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
गौरतलब है कि 15 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की चर्चा भी हुई, जिसमें तमिलनाडु में धर्म परिवर्तन के बाद पिछड़ा वर्ग (BC) मुस्लिम श्रेणी के तहत आरक्षण के दावे से संबंधित मामला था। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल धर्म परिवर्तन के आधार पर पिछड़ा वर्ग मुस्लिम श्रेणी का दर्जा और उससे जुड़े लाभ स्वतः प्राप्त नहीं होते। यह फैसला विशेष मामले और संबंधित कानूनी प्रावधानों से जुड़ा है; इसे सभी धर्मांतरण या अनुसूचित जनजाति के आरक्षण संबंधी मामलों पर एक समान नियम के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
Chhattisgarh Politics:-मां बम्लेश्वरी के दरबार में की पूजा-अर्चना
डोंगरगढ़ प्रवास के दौरान भूपेश बघेल ने नवरात्रि की पंचमी के अवसर पर मां बम्लेश्वरी देवी के मंदिर में दर्शन किए और प्रदेश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान डोंगरगढ़ विधायक, कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष नवाज खान सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मंदिर में दर्शन के बाद हुई मीडिया चर्चा में बिजली व्यवस्था, औद्योगिक संसाधनों और आरक्षण जैसे मुद्दों पर उनकी टिप्पणियां सामने आईं। इन बयानों से प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को राहत और राज्य के प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
