Chhattisgarh News:-खेलते-खेलते थम गई मासूम की जिंदगी! स्कूल परिसर में रस्सी के झूले पर हुआ दर्दनाक हादसा

Chhattisgarh News:-छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उड़ेला के आश्रित ग्राम मुड़ीडीह से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां शासकीय प्राथमिक शाला परिसर में झूले पर खेलते समय चौथी कक्षा के छात्र तरुण चौहान की मौत हो गई। मासूम की मौत की खबर से गांव में शोक की लहर है, वहीं स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
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Chhattisgarh News:-खेलते समय हुआ दर्दनाक हादसा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के दिन बच्चे स्कूल खुलने से पहले ही परिसर में पहुंच गए थे। इसी दौरान तरुण अपने साथियों के साथ पेड़ पर बंधे कपड़े के झूले पर खेल रहा था। बताया जा रहा है कि पेड़ पर साड़ियों से झूला बनाया गया था। खेलते समय अचानक तरुण का पैर फिसला और झूले का कपड़ा उसके गले में फंस गया। हादसा इतना गंभीर था कि बच्चे की जान चली गई।
Chhattisgarh News:-सूचना मिलते ही पहुंची मां, गांव में पसरा मातम
घटना की जानकारी मिलने पर बच्चे की मां मौके पर पहुंचीं। मासूम की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मौत के संबंध में अंतिम चिकित्सकीय निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
Chhattisgarh News:-स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद स्कूल परिसर में बच्चों की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि स्कूल खुलने का निर्धारित समय सुबह 10 बजे था, जबकि बच्चे करीब 9:30 बजे परिसर में पहुंचकर खेलने लगे थे। रिपोर्ट के अनुसार, उस समय स्कूल के शिक्षक नहीं पहुंचे थे।
ऐसे में यह जांच का विषय है कि स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी की क्या व्यवस्था थी। साथ ही, पेड़ पर बांधे गए झूले की स्थिति, उसके इस्तेमाल और हादसे के दौरान मौजूद परिस्थितियों की भी जांच जरूरी है।
Chhattisgarh News:-जांच के बाद तय हो जिम्मेदारी
इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। स्कूल परिसर में खेलते समय किसी भी तरह की दुर्घटना से बचाव के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र, जोखिमपूर्ण वस्तुओं की पहचान और बच्चों की उचित निगरानी जरूरी है।
फिलहाल, मामले में सामने आए तथ्यों और संबंधित अधिकारियों की जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं। यदि जांच में किसी की जिम्मेदारी सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
