उत्तरप्रदेश

Ram Mandir Ayodhya:-रामलला से जुड़ा 40 साल पुराना एक ऐसा रहस्य, जिसे जानकर आप भी कहेंगे—ये तो सच्ची भक्ति है!

Ram Mandir Ayodhya:-अयोध्या में एक परिवार ऐसा भी है, जिसकी सेवा का सिलसिला रामलला के टेंट में विराजमान होने से लेकर भव्य मंदिर तक लगातार जारी है। इस परिवार की कहानी आस्था, समर्पण और निस्वार्थ भक्ति की अनोखी मिसाल है।

Ram Mandir Ayodhya:-अयोध्या में चार दशकों से चली आ रही अनोखी परंपरा

भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में भक्ति और आस्था की कई कहानियां सुनने को मिलती हैं, लेकिन एक परिवार की कहानी बेहद खास है। यह परिवार करीब 40 वर्षों से बिना किसी प्रचार या प्रसिद्धि की इच्छा के रामलला की सेवा में जुटा हुआ है। समय बदला, परिस्थितियां बदलीं और रामलला टेंट से निकलकर भव्य मंदिर में विराजमान हो गए, लेकिन इस परिवार की श्रद्धा और सेवा का सिलसिला नहीं बदला।

अयोध्या के प्रमोदवन स्थित बड़ी कुटिया क्षेत्र में बाबूलाल टेलर्स नाम की दुकान चलाने वाला परिवार दशकों से रामलला के लिए सुंदर पोशाकें तैयार करता आ रहा है। परिवार के सदस्य शंकर लाल के मुताबिक, उनके लिए यह काम केवल सिलाई का पेशा नहीं, बल्कि भगवान की सेवा करने का सौभाग्य है।

Ram Mandir Ayodhya:-1985 में शुरू हुआ था सेवा का सफर

शंकर लाल बताते हैं कि इस परंपरा की शुरुआत वर्ष 1985 में हुई थी। उस समय राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी लाल दास थे। उनके माध्यम से शंकर लाल के पिता बाबूलाल, बड़े भाई भगत साहब पहाड़ी और उन्होंने स्वयं भगवान की पोशाक सिलने की जिम्मेदारी संभाली थी।

शुरुआती दिनों में परिवार एक बड़ी और एक छोटी सिलाई मशीन लेकर तत्कालीन विवादित ढांचे के गुंबद के नीचे बैठकर वस्त्र तैयार करता था।

वर्ष 1992 में विवादित ढांचा गिराए जाने के बाद परिस्थितियां बदल गईं। इसके बावजूद परिवार ने रामलला की सेवा बंद नहीं की। वे अपनी दुकान पर पोशाक तैयार करके पुजारी तक पहुंचाते रहे।

Ram Mandir Ayodhya:-प्रधानमंत्री मोदी के भूमि पूजन के दौरान भी तैयार की थी विशेष पोशाक

शंकर लाल के अनुसार, 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम के लिए भी उनके परिवार ने रामलला की विशेष पोशाक तैयार की थी।

उस अवसर पर दो अलग-अलग रंगों की पोशाकें बनाई गई थीं। एक हरे रंग की और दूसरी भगवा रंग की। हरे रंग की पोशाक को हीरा, पन्ना और पुखराज जैसे रत्नों से सजाए जाने की बात परिवार बताता है।

शंकर लाल के मुताबिक, रामलला ने पहले हरे और बाद में भगवा रंग के वस्त्र धारण किए थे।

Ram Mandir Ayodhya:-मौसम के अनुसार बदलती है रामलला की पोशाक

भगवान के वस्त्र तैयार करते समय मौसम और धार्मिक अवसरों का भी विशेष ध्यान रखा जाता है।

गर्मियों में रामलला के लिए हल्के रेशमी वस्त्र बनाए जाते हैं, जबकि सर्दियों में मखमल की पोशाक तैयार की जाती है। इसके अलावा दीपोत्सव और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों के लिए विशेष रंगों और डिजाइन की पोशाकें बनाई जाती हैं।

परिवार का दावा है कि वर्ष 2017 में अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत होने के बाद से वे लगातार प्रमुख उत्सवों के लिए वस्त्र तैयार करते रहे हैं।

Ram Mandir Ayodhya:-रामलला ही नहीं, चारों भाइयों के लिए भी बनते हैं वस्त्र

इस परिवार की सेवा केवल रामलला तक सीमित नहीं है। शंकर लाल के अनुसार, वे भगवान राम के साथ लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की प्रतिमाओं के लिए भी वस्त्र तैयार करते हैं।

इसके अलावा मंदिर से जुड़ी अन्य प्रतिमाओं के लिए भी पोशाकें बनाई जाती हैं। परिवार संतों के लिए पारंपरिक चौबंदी वस्त्र भी तैयार करता है।

Ram Mandir Ayodhya:-कमाई नहीं, भगवान की सेवा को मानते हैं सबसे बड़ी उपलब्धि

आज जब अधिकांश व्यवसायों में प्रचार और मुनाफे को महत्वपूर्ण माना जाता है, तब यह परिवार अपनी सेवा को आर्थिक लाभ से ऊपर रखता है।

शंकर लाल का कहना है कि उनका उद्देश्य पैसे कमाना नहीं, बल्कि भगवान की सेवा करना है। उन्हें इस बात का गर्व है कि उनका जन्म अयोध्या में हुआ और उन्हें रामलला की पोशाक तैयार करने का अवसर मिला।

उनके अनुसार, सेवा के बदले जो कुछ मिलता है, उसी में परिवार संतुष्ट रहता है।

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