Balodabazar Violence:-बलौदाबाजार हिंसा पर गुरु बालदास का बड़ा दावा, बोले- ‘फोन जाता है तभी कार्रवाई होती है’, जमानत को लेकर भी किया दावा

Balodabazar Violence:-बलौदाबाजार हिंसा मामले को लेकर सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु बालदास का एक वीडियो सामने आया है। वायरल वीडियो में उन्होंने हिंसा के बाद गिरफ्तार किए गए समाज के लोगों को लेकर कई दावे किए हैं। गुरु बालदास ने कहा कि उस समय अगर वे बयान और वीडियो जारी नहीं करते तो समाज के कई लोग जेल में ही रहते। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके दबाव बनाने के बाद जेल में बंद लोगों को जमानत मिली।
गुरु बालदास ने वीडियो में भीम आर्मी के चक्काजाम और थाना घेराव को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रदर्शन से कोई नतीजा नहीं आता, जबकि उनके अनुसार उनके स्तर से फोन जाने के बाद कार्रवाई होती है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
Balodabazar Violence:-‘गलती की है तो जेल भेजिए, मारपीट का अधिकार नहीं’
गुरु बालदास ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने अपराध किया है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और उसे जेल भेजा जाना चाहिए। लेकिन किसी को भी मारपीट करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि बलौदाबाजार हिंसा के बाद कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों के साथ मारपीट हुई थी और उनके शरीर पर चोट के निशान देखे गए। गुरु बालदास के मुताबिक, इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने वीडियो जारी कर अपनी बात रखी, जिसके बाद मारपीट बंद हुई।
Balodabazar Violence:-सीसीटीवी और वीडियो के आधार पर कार्रवाई की मांग
गुरु बालदास ने कहा कि घटना के दौरान सीसीटीवी कैमरे लगे थे और कई वीडियो भी बनाए गए थे। ऐसे में उनका कहना है कि हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी में शामिल लोगों की पहचान सबूतों के आधार पर होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को सिर्फ उसकी जाति या समाज के आधार पर गिरफ्तार करना उचित नहीं है। दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई हो, लेकिन निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
Balodabazar Violence:-अब जेल में बंद लोगों की रिहाई के लिए भी प्रयास करेंगे
वीडियो में गुरु बालदास ने कहा कि जेल में बंद लोगों की जमानत के लिए पहले भी प्रयास किया गया था और अब भी उनकी रिहाई के लिए प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बलौदाबाजार हिंसा के कथित मास्टरमाइंड और फरार आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
गौरतलब है कि 10 जून 2024 को बलौदाबाजार में प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय परिसर में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ हुई थी। मामले में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। 2026 में भी मामला न्यायिक स्तर पर आगे बढ़ा है। जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने मामले के आरोपी अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा को सशर्त जमानत दी थी।
गुरु बालदास ने कहा कि समाज उनके पास आए या नहीं, लेकिन समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी है और वे अपनी भूमिका से पीछे नहीं हटेंगे।
