Russia Ukraine War:-रूस का तेल बंद हुआ तो थम सकता है यूक्रेन युद्ध? जेलेंस्की की भारत से बड़ी अपील, बोले- मॉस्को की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा सीधा असर

Russia Ukraine War:-रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भारत से रूस के साथ ऊर्जा कारोबार को लेकर एक बार फिर अपील की है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि रूस की अर्थव्यवस्था काफी हद तक भारत, चीन और कुछ हद तक तुर्की जैसे देशों के साथ होने वाले ऊर्जा कारोबार पर निर्भर है।
जेलेंस्की के मुताबिक, अगर ये देश रूस से कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की खरीद रोक देते हैं, तो मॉस्को पर आर्थिक दबाव इतना बढ़ सकता है कि उसके लिए युद्ध जारी रखना मुश्किल हो जाए। उन्होंने अमेरिका, भारत और चीन के जरिए रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की बात भी कही।
Russia Ukraine War:-भारत पर क्यों है जेलेंस्की की नजर?
भारत हाल के वर्षों में रूसी कच्चे तेल का बड़ा खरीदार रहा है। रॉयटर्स के मुताबिक, अगस्त 2026 में भारत का रूसी तेल आयात जुलाई की तुलना में 16.5 फीसदी घटकर करीब 21 लाख बैरल प्रतिदिन रहा, लेकिन रूस फिर भी भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहा।
जेलेंस्की इसी ऊर्जा व्यापार को रूस पर दबाव बनाने के एक महत्वपूर्ण रास्ते के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि, उनका यह दावा कि तेल खरीद बंद होते ही रूस युद्ध रोक देगा, उनका आकलन है, स्थापित तथ्य नहीं।
Russia Ukraine War:-अमेरिका के नए कानून का भी जिक्र
जेलेंस्की का बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान से जुड़े नए प्रतिबंध कानून पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कानून से अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की शक्ति मिलती है, जिसमें भारत और चीन जैसे देश भी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, किसी देश पर 100% टैरिफ अपने आप लागू नहीं होता; यह राष्ट्रपति के फैसले और कानून के तहत आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
Russia Ukraine War:-भारत का क्या रुख है?
भारत लगातार कहता रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद का फैसला देश की ऊर्जा सुरक्षा, बाजार की परिस्थितियों और भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाता है। भारत ने अमेरिकी टैरिफ कानून के संभावित असर की समीक्षा की बात भी कही है।
उधर रूस ने भी भारत के साथ अपने ऊर्जा संबंधों का बचाव किया है और कहा है कि वह भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Russia Ukraine War:-युद्ध खत्म करने के लिए आर्थिक दबाव पर जोर
जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भी उम्मीद जताई कि अमेरिका रूस पर दबाव बढ़ाकर युद्ध खत्म कराने में मदद कर सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्ध को कम करने की दिशा में कदम नहीं उठाते हैं, तो वह अमेरिकी प्रतिबंध कानून के इस्तेमाल की उम्मीद करते हैं।
यानी, रूस का तेल कारोबार अब सिर्फ ऊर्जा का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यूक्रेन युद्ध और वैश्विक कूटनीति के बीच बड़ा रणनीतिक मुद्दा बन चुका है।
