Indian Politics:-हामिद अंसारी के ‘नेहरू वाले बयान’ पर सियासी घमासान, BJP का कांग्रेस पर वार; सुधांशु त्रिवेदी बोले- ‘मुस्लिम लीग माओइस्ट कांग्रेस’

Indian Politics:-पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के जवाहरलाल नेहरू से जुड़े एक पुराने संदर्भ का जिक्र करने के बाद देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। BJP सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस की मौजूदा विचारधारा पर सवाल उठाए और पार्टी को ‘मुस्लिम लीग माओइस्ट कांग्रेस’ तक कह दिया। यह त्रिवेदी की राजनीतिक टिप्पणी है।
Indian Politics:-क्या कहा था हामिद अंसारी ने?
विवाद की शुरुआत 19 सितंबर को नई दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित ‘Remembering a Polymath: The Life and Times of Abdul Ghafoor Noorani’ कार्यक्रम से हुई।
कार्यक्रम में हामिद अंसारी ने संविधान विशेषज्ञ और लेखक ए.जी. नूरानी की 2019 में प्रकाशित किताब ‘The RSS: A Menace to India’ का जिक्र किया। उन्होंने किताब की प्रस्तावना में दर्ज एक संदर्भ के आधार पर जवाहरलाल नेहरू की एक टिप्पणी का हवाला दिया।
अंसारी के मुताबिक, यह टिप्पणी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक से जुड़ी थी और तत्कालीन विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया ने इसे रिकॉर्ड किया था। अंसारी ने नेहरू के हवाले से कहा कि भारत के लिए खतरा कम्युनिज्म नहीं, बल्कि ‘हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता’ है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह नेहरू की टिप्पणी का अंसारी द्वारा नूरानी की किताब के संदर्भ से किया गया उद्धरण है। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे उसी ऐतिहासिक रिकॉर्ड के हवाले से प्रस्तुत किया गया है।
Indian Politics:-BJP ने कांग्रेस को घेरा
हामिद अंसारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की वर्तमान राजनीतिक विचारधारा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब ‘अति-वामपंथ’ यानी Ultra-Left की दिशा में बढ़ रही है और राहुल गांधी के राजनीतिक विमर्श को भी इसी संदर्भ से जोड़कर निशाना साधा।
त्रिवेदी ने तर्क दिया कि अंसारी द्वारा दिए गए संदर्भ से यह बात सामने आती है कि नेहरू कम्युनिज्म को भी खतरे के रूप में देखते थे, लेकिन हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को उससे बड़ा खतरा मानने वाली टिप्पणी का हवाला दिया गया। इसी आधार पर BJP नेता ने आज की कांग्रेस की विचारधारा पर सवाल खड़े किए।
Indian Politics:-‘मुस्लिम लीग माओइस्ट कांग्रेस’ वाला बयान
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिवेदी ने कांग्रेस पर हमला और तेज करते हुए उसे ‘मुस्लिम लीग माओइस्ट कांग्रेस’ कहा। यह BJP नेता की ओर से कांग्रेस की विचारधारा और राजनीतिक गठबंधनों को लेकर किया गया राजनीतिक आरोप है।
उन्होंने केरल में कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के राजनीतिक गठबंधन का भी जिक्र किया।
Indian Politics:-IUML और मुस्लिम लीग का इतिहास क्या है?
यहां एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अंतर समझना जरूरी है। ऑल इंडिया मुस्लिम लीग, जिसका नेतृत्व मोहम्मद अली जिन्ना ने किया और जिसने पाकिस्तान के निर्माण की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाई, 1947 के बाद भारत में समाप्त हो गई।
वहीं इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) का गठन 10 मार्च 1948 को मद्रास में हुआ। इसके संस्थापक अध्यक्षों में क्वैद-ए-मिल्लत मोहम्मद इस्माइल प्रमुख नाम थे। इंडियन एक्सप्रेस के ऐतिहासिक विवरण के अनुसार, IUML को सीधे जिन्ना की 1947 से पहले वाली ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के समान संगठन मानना ऐतिहासिक रूप से सही नहीं है, हालांकि उसके शुरुआती कई नेता पहले मुस्लिम लीग से जुड़े रहे थे।
IUML की अपनी आधिकारिक वेबसाइट भी पार्टी के गठन को मार्च 1948 में मद्रास से जोड़ती है और वर्तमान में इसे केरल में कांग्रेस-नेतृत्व वाले UDF का प्रमुख घटक बताती है।
Indian Politics:-क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?
एक तरफ हामिद अंसारी ने नूरानी की किताब के हवाले से नेहरू की ऐतिहासिक टिप्पणी को सामने रखा है। दूसरी तरफ BJP ने इसी संदर्भ को कांग्रेस की मौजूदा विचारधारा पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया है।
इस पूरे विवाद में फिलहाल तीन अलग-अलग बातें सामने आती हैं—नेहरू से जुड़ा ऐतिहासिक संदर्भ, अंसारी की उस संदर्भ की व्याख्या और BJP का कांग्रेस की वर्तमान राजनीति पर आरोप। इन्हें एक-दूसरे से अलग रखकर देखना जरूरी है।
