Cyber Jagriti Abhiyan:-डिजिटल दुनिया में बढ़ते जाल का ‘संकल्प’ से जवाब! PRSU में डिप्टी CM विजय शर्मा ने लॉन्च किया साइबर सुरक्षा का खास वीडियो कोर्स

9 मॉड्यूल में सीखेंगे साइबर ठगी से बचने के तरीके, विजय शर्मा ने युवाओं से कहा—साइबर जागरूकता को घर-घर पहुंचाएं
Cyber Jagriti Abhiyan:-रायपुर। डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन दुनिया के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध भी बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत शुक्रवार को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU), रायपुर में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने डिजिटल सुरक्षा पर आधारित 9 मॉड्यूल के वीडियो कोर्स ‘साइबर संकल्प’ का शुभारंभ किया।
छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। राज्य में विभिन्न स्थानों पर विद्यार्थियों और आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा, साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों से बचाव की जानकारी दी जा रही है। हाल के दिनों में रायपुर सहित प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

Cyber Jagriti Abhiyan:-हर वीडियो सिर्फ 5-6 मिनट का, लेकिन जानकारी बेहद जरूरी
‘साइबर संकल्प’ को आम नागरिकों के लिए आसान और समझने योग्य तरीके से तैयार किया गया है। इस वीडियो कोर्स में 9 मॉड्यूल शामिल हैं और प्रत्येक वीडियो की अवधि लगभग 5 से 6 मिनट बताई गई है। इसके माध्यम से लोगों को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी जाएगी।

कार्यक्रम में PRSU और रायपुर के विभिन्न महाविद्यालयों के 500 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
Cyber Jagriti Abhiyan:-डिजिटल इंडिया की ताकत के साथ बढ़ी सतर्कता की जरूरत
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए विजय शर्मा ने भारत में डिजिटल लेनदेन की तेजी से बढ़ती भूमिका पर चर्चा की और युवाओं से डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने की अपील की। भारत में UPI और डिजिटल भुगतान का विस्तार लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, FY 2025-26 में UPI के जरिए करीब ₹314 लाख करोड़ मूल्य के लेनदेन हुए और भारत वैश्विक रियल-टाइम डिजिटल भुगतान में बड़ी हिस्सेदारी रखता है।
उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा सिर्फ पुलिस या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक को जागरूक रहना होगा। विद्यार्थियों से अपने परिवार, दोस्तों और समाज तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने की अपील की गई।

Cyber Jagriti Abhiyan:-ठगी हो जाए तो देरी नहीं… तुरंत 1930 पर करें कॉल
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण संदेश था—साइबर ठगी होने पर समय बर्बाद न करें।
विजय शर्मा ने लोगों से साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने की अपील की। कार्यक्रम में साइबर अपराध से पीड़ित लोगों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
एक पीड़ित ने बताया कि वह कथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ की साइबर ठगी का शिकार हुए थे। हालांकि, समय रहते पुलिस से संपर्क करने और त्वरित कार्रवाई के कारण ठगी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा वापस पाने में मदद मिली। इस अनुभव के जरिए विद्यार्थियों को समझाया गया कि साइबर अपराध में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।
फिशिंग से डिजिटल अरेस्ट तक, नए-नए तरीकों से हमला कर रहे साइबर ठग
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों से सावधान रहने की सलाह दी। हालिया साइबर जागरूकता कार्यक्रमों में भी फिशिंग, OTP और UPI फ्रॉड, सोशल मीडिया पहचान चोरी, सेक्सटॉर्शन और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों से बचाव पर विशेष जानकारी दी जा रही है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार ने लोगों को ऑनलाइन सुरक्षा मानकों का पालन करने और अनजान लिंक, कॉल तथा संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों से सावधान रहने की सलाह दी।

कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले, तकनीकी सेवाओं से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला, कुलसचिव शैलेंद्र पटेल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Cyber Jagriti Abhiyan:-युवाओं को बनाया जा रहा साइबर जागरूकता का दूत
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सिर्फ साइबर अपराध से बचने की जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें समाज में साइबर जागरूकता का दूत बनने के लिए भी प्रेरित किया गया।
बढ़ती डिजिटल सुविधाओं के दौर में एक गलत क्लिक, फर्जी कॉल या संदिग्ध लिंक बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में PRSU में शुरू किया गया ‘साइबर संकल्प’ युवाओं और आम नागरिकों को डिजिटल दुनिया में ज्यादा सतर्क और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
