Health Awareness:-माइग्रेन का दर्द बार-बार सताता है? ये 5 आदतें बन सकती हैं वजह, आज से करें बदलाव

बार-बार खाना छोड़ना, नींद का बिगड़ा रूटीन, तनाव और शरीर में पानी की कमी कुछ लोगों में माइग्रेन अटैक को ट्रिगर कर सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति के triggers अलग होते हैं।
Health Awareness:-माइग्रेन को सिर्फ सामान्य सिरदर्द समझना सही नहीं है। यह एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें सिर के एक हिस्से में तेज धड़कता हुआ दर्द, मतली, उल्टी और रोशनी या तेज आवाज के प्रति संवेदनशीलता जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ लोगों में आंखों के सामने चमकती रोशनी, धुंधला दिखना या दूसरे अस्थायी visual symptoms भी हो सकते हैं।
माइग्रेन का कोई एक trigger सभी लोगों में काम नहीं करता। विशेषज्ञों के मुताबिक नींद, भोजन, पानी, तनाव और आसपास के वातावरण में होने वाले बदलाव कई लोगों में migraine attack की संभावना बढ़ा सकते हैं। कई बार एक ही नहीं, बल्कि कई triggers मिलकर अटैक शुरू कर सकते हैं।
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1. लंबे समय तक खाना न खाना
खाना छोड़ना या लंबे समय तक कुछ न खाना कुछ लोगों में माइग्रेन का trigger बन सकता है। इसलिए भोजन का समय नियमित रखना बेहतर माना जाता है।
मायो क्लिनिक भी माइग्रेन से बचाव के लिए नियमित समय पर भोजन करने और meals skip न करने की सलाह देता है।
2. देर रात तक जागना और नींद पूरी न करना
नींद की कमी या सोने-जागने के समय में बार-बार बदलाव माइग्रेन अटैक की संभावना बढ़ा सकता है। विशेषज्ञ नियमित sleep schedule बनाए रखने की सलाह देते हैं।
बहुत ज्यादा सोना भी कुछ लोगों में trigger हो सकता है, इसलिए लक्ष्य केवल ज्यादा सोना नहीं, बल्कि नियमित और पर्याप्त नींद लेना होना चाहिए।
3. लगातार स्क्रीन और तेज रोशनी के संपर्क में रहना
मोबाइल या लैपटॉप को घंटों देखना हर व्यक्ति में सीधे माइग्रेन का कारण नहीं बनता। लेकिन तेज रोशनी, चमकती/flashing lights और लंबे समय तक स्क्रीन इस्तेमाल से होने वाली आंखों की थकान या नींद के रूटीन में बदलाव कुछ लोगों के लिए समस्या बढ़ा सकते हैं।
इसलिए लंबे समय तक स्क्रीन इस्तेमाल करने वालों के लिए बीच-बीच में ब्रेक लेना और रात में सोने से पहले स्क्रीन exposure कम करना फायदेमंद हो सकता है।
4. लगातार तनाव में रहना
काम, परिवार या दूसरी वजहों से लगातार तनाव माइग्रेन का एक जाना-पहचाना trigger है। American Migraine Foundation के अनुसार stress और emotional changes कुछ लोगों में migraine attacks को बढ़ा सकते हैं।
तनाव को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है, लेकिन नियमित व्यायाम, relaxation techniques, meditation और पर्याप्त नींद जैसी आदतें मदद कर सकती हैं।
5. शरीर में पानी की कमी
डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी भी कुछ लोगों में माइग्रेन अटैक को trigger कर सकती है। खासकर गर्मी, ज्यादा पसीना आने या पर्याप्त पानी न पीने की स्थिति में इसका खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए दिनभर पर्याप्त पानी पीना और शरीर को hydrated रखना migraine management का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
Health Awareness:-सिर्फ trigger से बचना ही काफी नहीं
माइग्रेन के triggers हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को सभी संभावित triggers से बचने की जरूरत नहीं होती। विशेषज्ञ headache diary रखने की सलाह देते हैं, जिसमें नींद, भोजन, पानी, तनाव और migraine attack का समय नोट किया जा सकता है। इससे व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत triggers पहचानने में मदद मिल सकती है।
अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज हो, साथ में कमजोरी, सुन्नपन, बोलने में परेशानी या गंभीर vision changes हों, तो इसे सामान्य माइग्रेन मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
