छत्तीसगढ़

National Teachers Award 2026:-छोटे से गांव की शिक्षिका ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान! राष्ट्रपति के हाथों सुनीता यादव को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान, PM मोदी से भी हुई खास मुलाकात

National Teachers Award 2026:-रायपुर/सारंगढ़-बिलाईगढ़। शिक्षक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का एक खास पल सामने आया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड स्थित खिचारी के शासकीय विद्यालय की शिक्षिका सुनीता यादव को वर्ष 2026 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित शिक्षकों की सूची में छत्तीसगढ़ से सुनीता यादव का नाम शामिल है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2026 में देशभर से 48 स्कूली शिक्षकों का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए किया गया।

National Teachers Award 2026:-किताबों से आगे बढ़कर बच्चों के लिए बनाई नई दुनिया

ग्रामीण और सीमित संसाधनों वाले क्षेत्र में पढ़ाने वाली सुनीता यादव ने शिक्षा को सिर्फ किताबों और ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए खेल-खेल में शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया।

खासकर पढ़ाई में पीछे रहने वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए। उनका मानना रहा कि अगर बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार पढ़ाया जाए तो कठिन से कठिन विषय भी आसान बन सकते हैं।

National Teachers Award 2026:-लघु फिल्मों से पढ़ाई, डिजिटल तकनीक से बदली कक्षा

सुनीता यादव के शिक्षण का सबसे खास पहलू तकनीक और रचनात्मकता का उपयोग है। बच्चों को कठिन विषय आसानी से समझाने के लिए वे स्वयं और विद्यार्थियों की भागीदारी से लघु फिल्में तैयार कर शिक्षण में उनका उपयोग करती हैं।

इसके अलावा उन्होंने पढ़ाई में आधुनिक डिजिटल माध्यमों को भी जोड़ा। दीक्षा एप, स्टोरीवीवर, ऑडियो बुक, पॉडकास्ट, ब्लॉगिंग और स्मार्ट क्लास जैसे संसाधनों के माध्यम से बच्चों के सीखने के अनुभव को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने का प्रयास किया।

ग्रामीण क्षेत्र के एक छोटे से विद्यालय में तकनीक आधारित शिक्षा का यह प्रयोग आज उनकी पहचान बन चुका है।

National Teachers Award 2026:-आदिवासी बच्चों के लिए चलाया निशुल्क समर कैंप

सुनीता यादव का योगदान केवल अपनी कक्षा और विद्यालय तक सीमित नहीं रहा। शिक्षा से वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों तक पहुंचने के लिए उन्होंने आदिवासी बच्चों के लिए निशुल्क समर कैंप आयोजित कर अध्यापन कार्य किया।

बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर भी वे लगातार संवेदनशील रही हैं। विद्यार्थियों के बेहतर विकास के लिए समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और न्योता भोजन जैसी पहल को प्रोत्साहित करने में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही।

National Teachers Award 2026:-सीड बॉल से पर्यावरण और सैनिकों के लिए राखी से देशभक्ति का संदेश

शिक्षा के साथ-साथ सुनीता यादव ने बच्चों में सामाजिक और पर्यावरणीय चेतना विकसित करने का भी प्रयास किया। प्रकृति संरक्षण के लिए सीड बॉल तैयार करने जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया।

वहीं देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के लिए राखियां तैयार करने जैसी गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों में देशभक्ति और सामाजिक संवेदनशीलता का भाव विकसित करने की कोशिश की गई।

National Teachers Award 2026:-राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तक पहुंची मेहनत और नवाचार की यात्रा

सुनीता यादव को इससे पहले भी शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मान मिल चुका है। वर्ष 2024 में उन्हें राज्य शिक्षक सम्मान प्राप्त हुआ था। इसके बाद वर्ष 2025 में साहित्य के क्षेत्र में पंडित मुकुटधर पांडे स्मृति अलंकरण से भी उन्हें सम्मानित किया गया।

अब राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलना उनके लंबे समय से किए जा रहे नवाचारी और रचनात्मक कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान माना जा रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य उन शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपने कार्य और नवाचारों के माध्यम से न केवल स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में योगदान दिया, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव डाला है।

National Teachers Award 2026:-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिला संवाद का अवसर

राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान चयनित शिक्षकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद का अवसर भी मिला। इस दौरान शिक्षकों ने अपने अनुभवों और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को साझा किया।

सुनीता यादव ने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए किए जा रहे अपने प्रयासों, तकनीक आधारित शिक्षण और रचनात्मक गतिविधियों की जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री के साथ यह संवाद उनके लिए भी एक यादगार अवसर रहा।

National Teachers Award 2026:-सारंगढ़-बिलाईगढ़ के लिए ऐतिहासिक गर्व का पल

सुनीता यादव की इस उपलब्धि पर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में खुशी का माहौल है। जिले के प्रभारी मंत्री, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे पूरे जिले और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बताया है।

उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि संसाधनों की कमी प्रतिभा और नवाचार के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती। एक छोटे से ग्रामीण विद्यालय से शुरू हुआ उनका शिक्षण का सफर आज देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षक सम्मानों में शामिल हो चुका है।

National Teachers Award 2026:-शिक्षक परिवार से राष्ट्रीय सम्मान तक का सफर

महासमुंद जिले के सांकरा में शिक्षक परिवार में जन्मीं सुनीता यादव छात्र जीवन से ही शिक्षा के प्रति गंभीर और मेधावी रही हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद शिक्षण को अपना कर्मक्षेत्र चुना और लगातार नए प्रयोगों के माध्यम से बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने का प्रयास किया।

आज राष्ट्रपति के हाथों मिला राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान केवल एक शिक्षिका की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उन सभी शिक्षकों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए हर दिन नई कोशिश करते हैं।

छत्तीसगढ़ की सुनीता यादव ने साबित कर दिया कि अगर सोच में नवाचार, काम में ईमानदारी और बच्चों के लिए सच्ची संवेदना हो, तो एक छोटे से गांव की कक्षा भी राष्ट्रीय पहचान बना सकती है।

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