Energy Crisis:-LPG ₹2,000 तक पहुंच सकती थी… PM मोदी का बड़ा दावा, बोले- समय रहते सरकार ने टाला बड़ा ऊर्जा संकट

Energy Crisis:-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बालोतरा में आयोजित एक जनसभा के दौरान घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों और वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाती, तो अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 2,000 रुपये तक पहुंच सकती थी। हालांकि सरकार ने प्रभावी रणनीति और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से कीमतों को 950 रुपये से नीचे बनाए रखने में सफलता हासिल की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के पश्चिम एशिया में पैदा हुए तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट का भारत पर बड़ा असर पड़ सकता था, लेकिन ‘इंडिया फर्स्ट’ नीति, कूटनीतिक प्रयासों और समय पर लिए गए फैसलों के कारण देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति बाधित नहीं हुई।
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Energy Crisis:-90% LPG गल्फ देशों से आती थी
PM मोदी ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% LPG आयात करता है, जिसमें से करीब 90% गैस गल्फ देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती थी। क्षेत्र में तनाव बढ़ने के कारण सप्लाई प्रभावित होने की आशंका थी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने संकट को भांपते हुए देश की रिफाइनरियों को घरेलू स्तर पर LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके बाद सिर्फ सात दिनों में LPG उत्पादन 35,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़कर 54,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन तक पहुंच गया।
Energy Crisis:-11 लाख से ज्यादा घरों को मिला PNG कनेक्शन
प्रधानमंत्री ने बताया कि रसोई गैस पर दबाव कम करने के लिए सरकार ने तेज़ी से अभियान चलाकर 11 लाख से अधिक घरों को PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन उपलब्ध कराया, जिससे LPG की मांग को नियंत्रित करने में मदद मिली।
Energy Crisis:-पेट्रोल-डीजल पर भी दिया बयान
PM मोदी ने कहा कि वैश्विक संकट के दौरान कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। इसके बावजूद सरकार ने पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता बनाए रखने और स्थिति को संभालने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
Energy Crisis:-राजस्थान रिफाइनरी का किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने इस दौरान राजस्थान रिफाइनरी का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए 2017 में समझौता (MoU) हुआ था, लेकिन बाद के वर्षों में काम की गति धीमी पड़ गई। अब परियोजना पूरी होने के बाद इसका उद्घाटन किया गया है।
यह कार्यक्रम लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन के अवसर पर आयोजित किया गया।
