GST Fraud:-17 करोड़ के GST खेल का पर्दाफाश! फर्जी ITC मामले में कारोबारी जयदीप सिंह चंदेल गिरफ्तार, जांच में बड़े नेटवर्क के संकेत

GST Fraud:-सेंट्रल जीएसटी (CGGST) की टीम ने जीएसटी फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले में मध्यप्रदेश के कारोबारी जयदीप सिंह चंदेल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी कंपनी के माध्यम से फर्जी बिलों के आधार पर करोड़ों रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल किया। आरोपी को रायपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
CGGST अधिकारियों के अनुसार, मेरिडियन स्टील्स एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी की गतिविधियां लंबे समय से जांच के दायरे में थीं। विभाग को सूचना मिली थी कि कंपनी बिना वास्तविक माल की खरीद-बिक्री किए फर्जी इनवॉइस के जरिए टैक्स लाभ ले रही है। इसके बाद 28 नवंबर 2025 को कंपनी के विभिन्न ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया गया और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए।
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जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने कथित तौर पर फर्जी और अस्तित्वहीन फर्मों से प्राप्त बिलों के आधार पर करीब 15.14 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया। इसके अलावा जीएसटी रिटर्न की जांच में करीब 1.98 करोड़ रुपये के अतिरिक्त टैक्स लाभ का मामला भी सामने आया। इस प्रकार कुल 17.13 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी ITC लेने का आरोप लगाया गया है।
जांच के दौरान जयदीप सिंह चंदेल का बयान भी दर्ज किया गया। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने DRC-03 के तहत लगभग 19.98 लाख रुपये जमा किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिन कंपनियों के जरिए टैक्स क्रेडिट लिया गया, उनमें से कई का GST पंजीकरण पहले ही रद्द किया जा चुका था।
CGGST इस मामले को फर्जी बिलिंग और कर चोरी से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा मानकर जांच कर रहा है। एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
GST Fraud:-ITC क्या होता है?
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) वह सुविधा है जिसके तहत व्यापारी खरीद पर चुकाए गए GST को अपनी बिक्री पर देय GST से समायोजित कर सकते हैं। लेकिन यदि यह लाभ फर्जी बिलों या कागजी लेन-देन के आधार पर लिया जाए तो यह GST कानून के तहत गंभीर अपराध माना जाता है।
