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World Crisis:-“ऐसा लगा जैसे भारत के किसी उत्सव में हूं…” नीदरलैंड में भारतीयों के प्यार से अभिभूत हुए पीएम मोदी, दुनिया के हालात पर भी जताई चिंता

World Crisis:-द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत-नीदरलैंड दोस्ती, स्टार्टअप्स, सेमीकंडक्टर और वैश्विक संकटों पर रखी बात, नीदरलैंड ने लौटाईं 11वीं सदी की चोलकालीन तांबे की पट्टिकाएं।

World Crisis:-Narendra Modi इन दिनों नीदरलैंड दौरे पर हैं। द हेग में आयोजित भारतीय समुदाय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। भारतीय मूल के लोगों ने “मोदी-मोदी” के नारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों का उत्साह देखकर पीएम मोदी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यहां का माहौल देखकर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे भारत के किसी त्योहार में शामिल हों।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि नीदरलैंड में रहने वाला भारतीय समुदाय देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि जब भी उनकी डच नेतृत्व से बातचीत होती है, वहां भारतीयों की मेहनत, प्रतिभा और योगदान की खूब तारीफ होती है। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने अपनी मेहनत से नीदरलैंड की अर्थव्यवस्था और समाज में खास पहचान बनाई है।

प्रधानमंत्री ने भारत और नीदरलैंड के रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नीदरलैंड यूरोप में भारतीय व्यापार और निवेश का बड़ा प्रवेश द्वार बन सकता है। पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच तकनीक, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, एआई और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है और कई बड़े प्लांट्स पर काम जारी है। पीएम ने कहा कि “डिजाइन इन इंडिया” और “मेड इन इंडिया” अब दुनिया में नई पहचान बना रहे हैं।

World Crisis:-दुनिया के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया लगातार संकटों का सामना कर रही है। पहले कोरोना महामारी, फिर युद्ध और अब ऊर्जा संकट ने वैश्विक व्यवस्था को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो दुनिया के कई देशों में गरीबी और आर्थिक संकट और बढ़ सकते हैं।

इस दौरे की सबसे खास बात यह रही कि नीदरलैंड ने भारत को 11वीं सदी की ऐतिहासिक चोलकालीन तांबे की पट्टिकाएं लौटाने का फैसला किया। इन पट्टिकाओं को “लीडेन प्लेट्स” भी कहा जाता है। ये पट्टिकाएं दक्षिण भारत के चोल साम्राज्य के इतिहास और समुद्री व्यापार की महत्वपूर्ण धरोहर मानी जाती हैं। करीब 30 किलो वजनी इन तांबे की पट्टिकाओं में उस समय के भूमि अनुदान और प्रशासनिक व्यवस्था का उल्लेख मिलता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इन ऐतिहासिक पट्टिकाओं की वापसी भारत और नीदरलैंड के सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत करेगी। पीएम मोदी के इस दौरे को भारत-यूरोप संबंधों के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है।

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