छत्तीसगढ़

World Theatre Day:-विश्व रंगमंच दिवस पर खैरागढ़ में दिखा भावनाओं का संगम, महाभारत का दर्द और आज के अकेलेपन की झलक

World Theatre Day:-छत्तीसगढ़ के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर एक शानदार नाट्य आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि रंगमंच सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं और सच्चाइयों को सामने लाने का सशक्त माध्यम है।

इस खास मौके पर विश्वविद्यालय के नाट्य विभाग के छात्रों ने दो अलग-अलग विषयों पर आधारित नाटक प्रस्तुत किए — ‘महारथी’ और ‘नींद क्यों रात भर नहीं आती’। दोनों नाटकों ने दर्शकों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया।


World Theatre Day:-प्रमुख प्रस्तुतियां

नाटक का नामविषयमुख्य संदेश
महारथीमहाभारत का भावनात्मक प्रसंगकर्तव्य और रिश्तों के बीच संघर्ष
नींद क्यों रात भर नहीं आतीआधुनिक जीवन की सच्चाईअकेलापन और मानसिक बेचैनी

World Theatre Day:-‘महारथी’ में दिखा कर्ण-कुंती का दर्द

इस नाटक में कलाकारों ने महाभारत के सबसे भावुक प्रसंग को मंच पर जीवंत किया।
कर्ण और उसकी मां कुंती के बीच का संवाद दर्शकों को भावुक कर गया।

मुख्य आकर्षण:

  • मां की ममता और बेटे का धर्मसंकट
  • दोस्ती और कर्तव्य के बीच कर्ण का संघर्ष
  • कलाकारों की शानदार संवाद अदायगी

कलाकार: भैरवी साहू, अंकित सिंह, हर्षगिरी भट्ट, आकांक्षी मेश्राम


World Theatre Day:-‘नींद क्यों रात भर नहीं आती’ में आज की हकीकत

दूसरे नाटक में एक युवती की कहानी दिखाई गई, जो अकेलेपन से जूझ रही है।
वह अनजान लोगों को फोन कर अपने मन की खालीपन को भरने की कोशिश करती है।

नाटक की खास बातें:

  • मानसिक तनाव और अकेलेपन की सच्चाई
  • हर कॉल के साथ बढ़ती बेचैनी
  • आज के समाज की एक बड़ी समस्या को उजागर करना

कलाकार: डॉली अहिरवार, हर्षगिरी भट्ट, ध्रुव सिंह, दिशा चतुर्वेदी, यश बंसल


World Theatre Day:-मंच सज्जा और प्रस्तुति रही खास

  • शानदार लाइटिंग और म्यूजिक ने माहौल को जीवंत बना दिया
  • सटीक संवाद और अभिनय ने दर्शकों को बांधे रखा
  • दोनों नाटकों ने अलग-अलग दौर की कहानी दिखाकर एक ही सवाल छोड़ा —
    क्या इंसान आज भी अपने अंदर के संघर्ष से जूझ रहा है?

World Theatre Day:-क्या बोले अधिकारी?

  • कुलपति प्रो. लवली शर्मा ने कहा:
    -“रंगमंच समाज को समझने और समझाने का एक सशक्त माध्यम है।”
  • विभागाध्यक्ष प्रो. राजन यादव ने कहा:
    -“छात्रों की मेहनत और समर्पण इस प्रस्तुति में साफ दिखाई देता है।”

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