Uniform Civil Code:-भारत में UCC पर सियासत, चीन ने लागू कर दिया नया ‘वन नेशन’ कानून! क्या शी जिनपिंग मिटा रहे हैं अलग पहचान?

UCC पर भारत में बहस जारी, चीन ने 56 जातीय समुदायों के लिए लागू किया नया कानून
Uniform Civil Code:-बीजिंग। भारत में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर लंबे समय से राजनीतिक बहस जारी है। इसी बीच चीन ने 1 जुलाई 2026 से ‘एथनिक यूनिटी एंड प्रोग्रेस प्रमोशन लॉ’ (Ethnic Unity and Progress Promotion Law) लागू कर दिया है। चीनी सरकार का दावा है कि यह कानून देश की 56 मान्यता प्राप्त जातीय समुदायों को एक मजबूत राष्ट्रीय पहचान के साथ जोड़ने के लिए बनाया गया है। हालांकि मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने इसे सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान पर नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
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Uniform Civil Code:-क्या है चीन का नया कानून?
नए कानून का उद्देश्य पूरे चीन में राष्ट्रीय एकता, साझा पहचान और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। इसके तहत सभी जातीय समुदायों के बीच समान राष्ट्रीय भावना विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि यह कानून देश की स्थिरता, सुरक्षा और सामाजिक एकीकरण को मजबूत करेगा। वहीं आलोचकों का आरोप है कि इससे अल्पसंख्यक समुदायों की पारंपरिक संस्कृति और भाषा पर दबाव बढ़ सकता है।
Uniform Civil Code:-शिक्षा व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव
कानून लागू होने के बाद सरकारी स्कूलों में मैंडरिन (Putonghua) को शिक्षा का प्रमुख माध्यम बनाया जाएगा।
इसके अलावा—
| बदलाव | क्या होगा |
|---|---|
| शिक्षा | मैंडरिन भाषा को प्राथमिकता |
| पाठ्यक्रम | राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति पर विशेष जोर |
| परिवार | बच्चों में राष्ट्रीय मूल्यों को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी |
| सार्वजनिक संस्थान | संग्रहालय, पुस्तकालय और सांस्कृतिक केंद्रों में राष्ट्रीय पहचान आधारित कार्यक्रम |
Uniform Civil Code:-उइगर, तिब्बती और मंगोल समुदाय को लेकर बढ़ी चिंता
मानवाधिकार विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून विशेष रूप से उइगर, तिब्बती और इनर मंगोलिया के समुदायों की भाषा, संस्कृति और धार्मिक स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकता है।
संयुक्त राष्ट्र के कुछ स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ पहले भी चीन की ऐसी नीतियों पर चिंता जता चुके हैं। उनका कहना है कि अत्यधिक केंद्रीकरण से सांस्कृतिक विविधता कमजोर हो सकती है।
Uniform Civil Code:-चीन सरकार का क्या कहना है?
चीनी सरकार का दावा है कि—
- कानून किसी समुदाय की संस्कृति समाप्त करने के लिए नहीं बनाया गया।
- इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता मजबूत करना है।
- सभी नागरिकों को समान राष्ट्रीय पहचान के साथ जोड़ना इसकी प्राथमिकता है।
Uniform Civil Code:-क्या यह भारत के UCC जैसा है?
हालांकि कुछ लोग दोनों की तुलना कर रहे हैं, लेकिन दोनों कानूनों का उद्देश्य और दायरा अलग है।
| भारत का UCC | चीन का नया कानून |
|---|---|
| अलग-अलग व्यक्तिगत (Personal) कानूनों को समान बनाने का प्रस्ताव | जातीय समुदायों में साझा राष्ट्रीय पहचान और एकीकरण पर जोर |
| विवाह, तलाक, उत्तराधिकार जैसे नागरिक मामलों से जुड़ा | भाषा, शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रीय पहचान से जुड़ा |
| अभी पूरे भारत में लागू नहीं | 1 जुलाई 2026 से चीन में लागू |
इसलिए दोनों की सीधी तुलना करना पूरी तरह सटीक नहीं माना जाता, क्योंकि दोनों अलग-अलग संवैधानिक और कानूनी विषयों से जुड़े हैं।
Uniform Civil Code:-क्यों हो रही है वैश्विक चर्चा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून आने वाले समय में चीन की अल्पसंख्यक नीति पर अंतरराष्ट्रीय बहस को और तेज कर सकता है। एक ओर चीन इसे राष्ट्रीय एकता का कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर मानवाधिकार संगठन इसे सांस्कृतिक पहचान पर बढ़ते सरकारी नियंत्रण के रूप में देख रहे हैं।
