छत्तीसगढ़

CG News:-धान खरीदी से पहले धमतरी में बड़ा खेल नाकाम! ओडिशा से लाया गया 550 बोरी धान जब्त, दो गाड़ियां पकड़ाईं

CG News:-छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने अवैध धान परिवहन और भंडारण के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वाहनों से करीब 550 बोरी धान जब्त किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह धान पड़ोसी राज्य ओडिशा से लाया गया था और इसे नगरी क्षेत्र की एक राइस मिल में पहुंचाने की तैयारी थी।

CG News:-SDM की कार्रवाई से मचा हड़कंप

जानकारी के मुताबिक, धमतरी जिले के एसडीएम मनोज मरकाम को दूसरे राज्य से धान लाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई करते हुए धान से लदे दो वाहनों को पकड़ लिया। जांच के दौरान दोनों वाहनों में करीब 550 बोरी धान मिला।

प्रारंभिक जांच में धान ओडिशा से लाए जाने की बात सामने आई है। प्रशासन अब धान के परिवहन, संबंधित दस्तावेजों और इसके वास्तविक गंतव्य की जांच कर रहा है।

CG News:-क्या छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था में खपाने की थी तैयारी?

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान सीमावर्ती राज्यों से धान लाकर अवैध तरीके से खपाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए प्रशासन परिवहन और भंडारण पर विशेष निगरानी रखता है।

धमतरी में पकड़े गए धान को लेकर भी जांच जारी है। अधिकारियों को आशंका है कि इसे स्थानीय राइस मिल में खपाने की तैयारी थी। हालांकि, धान के अंतिम उपयोग और परिवहन की वैधता को लेकर जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

CG News:-कोलियारी में भी कार्रवाई, 10.40 क्विंटल धान जब्त

नगरी क्षेत्र के अलावा प्रशासन ने कोलियारी में भी कार्रवाई की है। यहां सुयश ट्रेडिंग नामक प्रतिष्ठान में जांच के दौरान 10.40 क्विंटल धान जब्त किया गया।

प्रशासन की ओर से इस भंडारण की वैधता की जांच की जा रही है। संबंधित दस्तावेजों और नियमों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

CG News:-मंडी अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जब्त धान से जुड़े मामलों की जांच के बाद मंडी अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

धान खरीदी से पहले हुई इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि प्रशासन सीमावर्ती क्षेत्रों में धान के संदिग्ध परिवहन और अवैध भंडारण को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा रहा है।

अब बड़ा सवाल यह है कि ओडिशा से लाया गया धान किसके लिए था और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।

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