छत्तीसगढ़

Mahadev Betting App Case:-महादेव सट्टा ऐप केस में बड़ा मोड़: रायपुर पहुंचा सौरभ चंद्राकर, CBI की पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज! 4 नवंबर को कोर्ट में पेशी

Mahadev Betting App Case:-देश के चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में बड़ी हलचल सामने आई है। इस मामले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को मंगलवार, 3 नवंबर को रायपुर लाए जाने की खबर है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उसे इंडिगो की फ्लाइट से रायपुर लाया गया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी है। अब उसे 4 नवंबर तक रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाना है।

सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी को महादेव सट्टा ऐप मामले की जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। जांच एजेंसी के सामने अब ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क, करोड़ों रुपये के कथित अवैध लेन-देन और विदेशों तक फैले कारोबार की कड़ियों को खंगालने का अवसर है।

Mahadev Betting App Case:-ओमान से प्रत्यर्पण, दिल्ली की अदालत से मिली ट्रांजिट रिमांड

सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर 1 नवंबर 2026 को भारत लाया गया था। इसके बाद 2 नवंबर को CBI ने उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निखिल चोपड़ा की अदालत में CBI ने आरोपी को रायपुर ले जाने के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मांगी। एजेंसी ने बताया कि रायपुर की विशेष अदालत में उसके खिलाफ मामला लंबित है और गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने ट्रांजिट रिमांड मंजूर करते हुए आरोपी को 4 नवंबर तक रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।

Mahadev Betting App Case:-CBI की पूछताछ में खुल सकते हैं कई बड़े राज

महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में सौरभ चंद्राकर से होने वाली संभावित पूछताछ को बेहद अहम माना जा रहा है। जांच एजेंसी के आरोपों के मुताबिक, यह नेटवर्क भारत के विभिन्न राज्यों में पैनल और ब्रांच ऑपरेटरों के माध्यम से संचालित होता था।

जांच में कथित तौर पर फर्जी या दूसरे व्यक्तियों के नाम पर इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, हवाला के जरिए विदेश भेजी गई रकम और नेटवर्क को संरक्षण देने के आरोपों की पड़ताल की गई है।

ऐसे में सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के दौरान इन वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका पर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। हालांकि, किसी नए खुलासे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

Mahadev Betting App Case:-कोर्ट में उठी प्रत्यर्पण की वैधता पर बहस

दिल्ली की अदालत में सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकील ने CBI की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बचाव पक्ष की दलील थी कि ओमान से प्रत्यर्पण प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आधार पर हुआ है, इसलिए CBI के मामले में गिरफ्तारी और अभियोजन की वैधता की जांच जरूरी है।

वहीं, CBI की ओर से कहा गया कि आरोपी के खिलाफ रायपुर की विशेष अदालत में पहले से आपराधिक कार्यवाही चल रही है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उसके सामने केवल ट्रांजिट रिमांड का प्रश्न है। प्रत्यर्पण की शर्तों के तहत आरोपी पर CBI के मामले में मुकदमा चलाया जा सकता है या नहीं, इसका निर्णय रायपुर की संबंधित विशेष अदालत करेगी।

Mahadev Betting App Case:-क्या है महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामला?

महादेव ऑनलाइन बुक ऐप पर क्रिकेट, फुटबॉल, कार्ड गेम और अन्य गतिविधियों पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित करने के आरोप हैं।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगी रवि उप्पल ने कथित तौर पर विदेश से इस नेटवर्क का संचालन किया। आरोप है कि भारत में फैले पैनल ऑपरेटरों के जरिए सट्टेबाजी की रकम जुटाई जाती थी और विभिन्न बैंक खातों तथा हवाला चैनलों के माध्यम से विदेश भेजी जाती थी।

CBI ने छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। सौरभ चंद्राकर के खिलाफ CBI और ED की अलग-अलग कानूनी कार्यवाहियां चल रही हैं।

4 नवंबर की पेशी पर टिकी निगाहें

अब सभी की नजरें 4 नवंबर को रायपुर की विशेष CBI अदालत में होने वाली पेशी पर हैं। इस दौरान आरोपी की हिरासत, आगे की जांच और प्रत्यर्पण से जुड़े कानूनी सवालों पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।

सौरभ चंद्राकर की वापसी से महादेव सट्टा ऐप मामले की जांच को नई दिशा मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, जांच में क्या नए तथ्य सामने आते हैं, यह CBI की आगामी कार्रवाई और अदालती कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगा।

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