PVR INOX cash payment:-PVR INOX में Cash vs UPI विवाद: कैश लेने से इनकार का आरोप, वकील ने भेजा कानूनी नोटिस

PVR INOX cash payment:-PVR INOX के अहमदाबाद स्थित एक मल्टीप्लेक्स में कैश पेमेंट को लेकर विवाद सामने आया है। गुजरात हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता उत्कर्ष दवे ने आरोप लगाया है कि अहमदाबाद के पैलेडियम मॉल स्थित PVR INOX में उन्हें फिल्म टिकट और फूड-बेवरेज के भुगतान के लिए कैश की जगह UPI का इस्तेमाल करने को कहा गया। इसके बाद उन्होंने PVR INOX लिमिटेड को कानूनी नोटिस भेजकर कैशलेस भुगतान नीति की वैधता और ग्राहकों को इसकी जानकारी दिए जाने के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
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PVR INOX cash payment:-13 सितंबर को सामने आया मामला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्कर्ष दवे 13 सितंबर 2026 को पैलेडियम मॉल स्थित PVR INOX में फिल्म देखने पहुंचे थे। उनके कानूनी नोटिस के अनुसार, टिकट के लिए उन्हें ₹475 UPI से भुगतान करना पड़ा। इसके बाद फूड और बेवरेज खरीदते समय भी कैश स्वीकार नहीं किए जाने का आरोप है, जिसके बाद उन्होंने ₹420 का भुगतान UPI से किया। यानी दोनों भुगतानों की कुल राशि ₹895 बताई गई है।
दवे का कहना है कि आपत्ति UPI, कार्ड या दूसरे डिजिटल विकल्प उपलब्ध कराने पर नहीं है, बल्कि कथित तौर पर कैश को पूरी तरह स्वीकार नहीं किए जाने पर है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि अगर किसी आउटलेट पर केवल डिजिटल भुगतान की व्यवस्था है, तो क्या ग्राहकों को भुगतान से पहले इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाती है।
PVR INOX cash payment:-PVR INOX ने क्या कहा?
इस मामले में PVR INOX का पक्ष भी सामने आया है। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कैश किसी भी समय मना नहीं किया जाता। कंपनी की ओर से यह भी बताया गया कि कैश का इस्तेमाल रिफंडेबल डिजिटल कार्ड के जरिए किया जा सकता है और इस संबंध में जानकारी आउटलेट्स पर दी जाती है।
यानी फिलहाल विवाद का एक अहम बिंदु यही है कि संबंधित आउटलेट पर उस समय ग्राहकों को भुगतान के कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध कराए गए थे और उनकी जानकारी किस तरह दी गई थी।
PVR INOX cash payment:-क्या दुकानदार कैश लेने से मना कर सकता है?
यहां RBI के नियमों को समझना जरूरी है। RBI के मुताबिक, RBI द्वारा जारी बैंकनोट लीगल टेंडर हैं। RBI की FAQ में कहा गया है कि बैंकनोट अपनी अंकित राशि के लिए भारत में भुगतान के तौर पर कानूनी मुद्रा हैं।
लेकिन सिर्फ बैंकनोट के लीगल टेंडर होने से यह सवाल अपने-आप तय नहीं हो जाता कि हर निजी कारोबारी को हर परिस्थिति में कैश स्वीकार करना ही होगा। इसी कानूनी पहलू को लेकर इस मामले में नोटिस के जरिए स्पष्टीकरण मांगा गया है। Mint ने भी विशेषज्ञों के हवाले से इस अंतर को रेखांकित किया है कि लीगल टेंडर होने और हर निजी व्यवसाय द्वारा हर स्थिति में उसे स्वीकार करने की बाध्यता—दो अलग कानूनी प्रश्न हैं।
PVR INOX cash payment:-बिना UPI वाले ग्राहकों का क्या?
कानूनी नोटिस में उन ग्राहकों की स्थिति पर भी सवाल उठाया गया है, जिनके पास स्मार्टफोन, UPI सुविधा या भरोसेमंद इंटरनेट कनेक्शन नहीं है।
दवे ने कंपनी से यह स्पष्ट करने को कहा है कि अगर कोई ग्राहक कैश में भुगतान करने के लिए तैयार है, लेकिन डिजिटल भुगतान नहीं कर सकता, तो ऐसी स्थिति में उसके लिए क्या विकल्प उपलब्ध हैं। साथ ही उन्होंने कथित कैशलेस नीति के संबंध में कंपनी के लिखित निर्देश, सर्कुलर या आंतरिक आदेश की जानकारी भी मांगी है।
PVR INOX cash payment:-7 दिन में जवाब की मांग
दवे ने PVR INOX को सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर उन्होंने उपभोक्ता आयोग और अन्य संबंधित मंचों के समक्ष मामला उठाने की बात कही है।
फिलहाल यह मामला कानूनी नोटिस और आरोपों के स्तर पर है। किसी अदालत या उपभोक्ता आयोग का अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। विवाद का केंद्र यह है कि संबंधित आउटलेट पर कैश भुगतान की वास्तविक व्यवस्था क्या थी और ग्राहकों को उपलब्ध भुगतान विकल्पों की जानकारी किस तरह दी गई थी।
