Oil Crisis:-तेल पर सख्ती! अब पेट्रोल पंप से नहीं भरवा सकेंगे मनचाहा डीजल-पेट्रोल, सरकार ने लगाया 90 दिन का नया नियम

Oil Crisis:-मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने देशभर के पेट्रोल पंपों पर थोक (Bulk) खरीद पर अस्थायी रोक लगा दी है। नए आदेश के तहत बड़े कारोबारी, फैक्ट्रियां, मॉल, अस्पताल, ट्रांसपोर्ट कंपनियां और निजी बस ऑपरेटर अब सामान्य पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल नहीं खरीद सकेंगे।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 11 जून 2026 को ‘मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल आदेश, 2026’ जारी किया है। इस आदेश को शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू किया गया है। सरकार का कहना है कि कुछ इलाकों में पेट्रोल पंपों पर अचानक बढ़ी असामान्य मांग और ईंधन की जमाखोरी रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।
READ MORE:- दिल दहला देने वाली घटना: 6 माह की बेटी के साथ महिला इंजीनियर की मौत, मासूम की बची जान
Oil Crisis:-क्या बदला?
नए नियम के अनुसार अब औद्योगिक, व्यावसायिक और संस्थागत उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत का ईंधन केवल अधिकृत थोक बिक्री केंद्रों (Bulk Sale Points) या अपने कंज्यूमर पंपों से ही लेना होगा। रिटेल पेट्रोल पंपों से थोक खरीद की अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा, पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी ग्राहक या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं बेचेंगे। खरीदा गया डीजल आगे बेचने पर भी रोक रहेगी।
Oil Crisis:-सरकार ने क्यों उठाया कदम?
सरकारी सूत्रों के अनुसार हाल के महीनों में डीजल की थोक कीमत और रिटेल कीमत के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला। कई बड़े उपभोक्ता सस्ता ईंधन पाने के लिए सीधे पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा में खरीदारी कर रहे थे, जिससे कुछ क्षेत्रों में सामान्य उपभोक्ताओं के लिए उपलब्धता प्रभावित होने लगी थी।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य आम लोगों के लिए पेट्रोल-डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना, जमाखोरी रोकना और ईंधन आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित रखना है।
Oil Crisis:-आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
फिलहाल निजी कार, बाइक और सामान्य उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। रोजमर्रा के ईंधन भरवाने पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। यह नियम मुख्य रूप से बड़े पैमाने पर ईंधन खरीदने वाले व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर लागू होगा।