छत्तीसगढ़

Monsoon 2026:-कमजोर मानसून से बढ़ी चिंता, लेकिन CM साय का भरोसा- “किसानों के साथ सरकार”, खेती के लिए दी बड़ी सलाह

Monsoon 2026:-रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस साल कमजोर मानसून की आशंका के बीच किसानों की चिंताओं को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बड़ा भरोसा दिलाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है, लेकिन बदलते मौसम को देखते हुए किसानों को बारिश की स्थिति के अनुसार खेती की योजना बनानी चाहिए।

मुख्यमंत्री साय ने जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के दौरे पर रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में कहा कि मौसम विभाग पहले ही अल नीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण सामान्य से कमजोर मानसून की संभावना जता चुका है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार किसानों को जागरूक कर रही है ताकि वे फसल चयन और बुवाई का निर्णय मौसम के अनुरूप लें। उन्होंने कहा कि समय पर सही योजना बनाने से किसानों का जोखिम कम किया जा सकता है।

Monsoon 2026:-किसानों के लिए सरकार की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को लगातार सलाह और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रही है। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक फसलों, कम पानी वाली खेती और अन्य कृषि उपायों पर भी किसानों को जानकारी दी जाएगी, ताकि कमजोर बारिश का असर कम से कम हो।

Monsoon 2026:-AI मिशन पर भी सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में पांच प्रमुख मिशन तय किए हैं, जिनमें AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) मिशन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि आज AI का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, प्रशासन और उद्योग सहित लगभग हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। इसी कारण सरकार इसके प्रभावी और जिम्मेदार उपयोग को लेकर रणनीति तैयार कर रही है।

Monsoon 2026:-चरण पादुका योजना पर क्या बोले मुख्यमंत्री?

चरण पादुका योजना से जुड़े टेंडर पर हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय यह योजना बंद हो गई थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे दोबारा शुरू किया है और आगे भी हर वर्ष पात्र हितग्राहियों को इसका लाभ देने का प्रयास जारी रहेगा।

Monsoon 2026:-IIM में होगा तीन दिवसीय चिंतन शिविर

मुख्यमंत्री ने बताया कि 4 और 5 जुलाई को IIM रायपुर में आयोजित होने वाला चिंतन शिविर सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। यह शिविर लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किया जा रहा है, जिसमें गुड गवर्नेंस, योजनाओं की समीक्षा, प्रशासनिक सुधार और सरकार के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा होगी। मुख्यमंत्री के अनुसार ऐसे चिंतन शिविर शासन की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Monsoon 2026:-क्यों कमजोर हो सकता है मानसून?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अल नीनो एक ऐसी जलवायु स्थिति है जिसमें प्रशांत महासागर के सतही जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। इसका असर भारत के दक्षिण-पश्चिम मानसून पर पड़ सकता है, जिससे कई क्षेत्रों में वर्षा सामान्य से कम होने की संभावना रहती है। हालांकि अंतिम स्थिति क्षेत्रवार मौसम प्रणालियों पर भी निर्भर करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *