Ethanol Revolution:-पेट्रोल का ‘राज’ खत्म होने की शुरुआत? अब 100% इथेनॉल पर दौड़ेंगी गाड़ियां, भारत में ईंधन क्रांति की बड़ी तैयारी

Ethanol Revolution:-क्या आने वाले वर्षों में पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की जगह इथेनॉल का बोलबाला होगा? केंद्र सरकार के एक बड़े फैसले ने इस सवाल को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने 100 प्रतिशत इथेनॉल (E100) को वाहन ईंधन के रूप में कानूनी मंजूरी देने वाले नियमों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही भारत में वैकल्पिक ईंधन आधारित परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम उठ गया है।
गडकरी ने नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि जिस इथेनॉल आधारित परिवहन मॉडल का कभी मजाक उड़ाया जाता था, वह अब हकीकत बनने जा रहा है। सरकार का लक्ष्य पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करना, प्रदूषण घटाना और विदेशी कच्चे तेल के आयात पर होने वाले भारी खर्च को कम करना है।
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Ethanol Revolution:-अगले कुछ हफ्तों में लॉन्च हो सकती हैं नई E100 गाड़ियां
सरकार की मंजूरी के बाद ऑटोमोबाइल कंपनियां भी तेजी से तैयारी में जुट गई हैं। गडकरी के अनुसार, आने वाले छह सप्ताह के भीतर टोयोटा, सुजुकी, एमजी और हुंडई जैसी कंपनियां ऐसे वाहन बाजार में उतार सकती हैं जो 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलने में सक्षम होंगे।
इससे पहले फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक वाली कई गाड़ियों और मोटरसाइकिलों का प्रदर्शन किया जा चुका है। फ्लेक्स-फ्यूल इंजन ऐसे बनाए जाते हैं जो E20, E85 से लेकर E100 तक के ईंधन पर चल सकते हैं।
Ethanol Revolution:-आम लोगों को क्या होगा फायदा?
यदि इथेनॉल आधारित वाहनों का इस्तेमाल बढ़ता है तो इसका सीधा फायदा वाहन चालकों की जेब पर पड़ सकता है। इथेनॉल का उत्पादन देश में ही गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से किया जाता है। इससे विदेशी तेल पर निर्भरता घटेगी और ईंधन आयात बिल में कमी आने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों को भी नया बाजार मिलेगा क्योंकि इथेनॉल उत्पादन के लिए कृषि आधारित कच्चे माल की मांग बढ़ेगी। वहीं कार्बन उत्सर्जन में कमी आने से पर्यावरण को भी लाभ होगा।
Ethanol Revolution:-क्या है इथेनॉल और कैसे बनता है?
इथेनॉल एक प्रकार का अल्कोहल है जिसे जैविक पदार्थों के किण्वन (Fermentation) से तैयार किया जाता है। भारत में इसका उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस, शीरे (Molasses), मक्का और अन्य स्टार्चयुक्त फसलों से किया जाता है।
फर्स्ट जनरेशन इथेनॉल गन्ना, मक्का और मीठे ज्वार जैसी फसलों से बनता है, जबकि सेकेंड जनरेशन इथेनॉल कृषि अपशिष्ट जैसे धान की भूसी, गेहूं के डंठल और बांस से तैयार किया जाता है। भविष्य में एल्गी आधारित थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल पर भी काम चल रहा है।
Ethanol Revolution:-E20 से E85 और अब E100 तक का सफर
भारत ने हाल के वर्षों में पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को तेजी से बढ़ाया है। E20 लक्ष्य हासिल करने के बाद अब सरकार E85 और E100 जैसे उच्च मिश्रण वाले ईंधनों को बढ़ावा दे रही है। हाल ही में E85 ईंधन भी लॉन्च किया गया, जिसमें 85 प्रतिशत इथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल होता है।
हालांकि E100 या E85 ईंधन सामान्य पेट्रोल वाहनों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसके लिए विशेष फ्लेक्स-फ्यूल इंजन की आवश्यकता होती है।
Ethanol Revolution:-भारत में शुरू हो सकती है नई ईंधन क्रांति
सरकार के इस फैसले को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि ऑटोमोबाइल कंपनियां तय समय में E100 वाहनों को बाजार में उतारती हैं और देशभर में इथेनॉल की उपलब्धता बढ़ती है, तो आने वाले वर्षों में भारतीय सड़कों पर पेट्रोल की जगह इथेनॉल आधारित गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।
