Crime News:-‘24 घंटे में खत्म कर देंगे…’ गैंग्स ऑफ वासेपुर के भगोड़े प्रिंस खान की विधायक अरूप चटर्जी को धमकी, रंगदारी की मांग से मचा हड़कंप

Crime News:-झारखंड के धनबाद में गैंग्स ऑफ वासेपुर से जुड़े कुख्यात भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम से विधायक अरूप चटर्जी को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सनसनी फैल गई है। विधायक का आरोप है कि उन्हें विदेशी नंबर से वीडियो, ऑडियो और व्हाट्सएप मैसेज भेजकर रंगदारी मांगी गई। मैसेज में साफ कहा गया कि “24 घंटे में पैसे का इंतजाम करो, नहीं तो तुम्हें मारेंगे तो हम ही।”
Crime News:-विदेशी नंबर से आए धमकी भरे मैसेज
निरसा से विधायक अरूप चटर्जी ने बताया कि उनके मोबाइल पर अंतरराष्ट्रीय नंबर से वीडियो, ऑडियो और टेक्स्ट मैसेज भेजे गए। बाद में कॉल भी आया, लेकिन उन्होंने उसे रिसीव नहीं किया। उनका कहना है कि रंगदारी नहीं देने पर 24 घंटे के भीतर हत्या की धमकी दी गई।
विधायक ने पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य के डीजीपी और धनबाद के एसएसपी को देते हुए सीबीआई जांच की मांग भी की है।
Crime News:-पुलिस का एक्शन, प्रिंस खान के घर पर चला बुलडोजर
धमकी की घटना सामने आने के बाद धनबाद पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वासेपुर स्थित प्रिंस खान के घर पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि अपराधियों और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
Crime News:-एसएसपी बोले- वीडियो और मैसेज की जांच जारी
धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि विधायक को मिले वीडियो, ऑडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Crime News:-कौन है प्रिंस खान?
- धनबाद के वासेपुर का कुख्यात गैंगस्टर।
- हत्या, रंगदारी, फायरिंग और जबरन वसूली समेत 40 से अधिक आपराधिक मामलों में आरोपी।
- वर्ष 2021 में नन्हें खान हत्याकांड के बाद भारत छोड़कर फरार हो गया।
- लंबे समय तक दुबई से गैंग ऑपरेट करने के आरोप लगे, जबकि हाल के दिनों में पुलिस अधिकारियों ने उसके पाकिस्तान में होने की आशंका भी जताई है।
- उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है।
- हाल के वर्षों में झारखंड के कई कारोबारियों और जनप्रतिनिधियों को धमकी देने के आरोप भी उस पर लगे हैं।
Crime News:-फिलहाल क्या है स्थिति?
पुलिस डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है और धमकी भेजने वाले नंबरों की तकनीकी पड़ताल की जा रही है। वहीं विधायक की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। मामले ने झारखंड की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
