Crime News:-खैर लकड़ी तस्करी का बड़ा नेटवर्क! फर्जी NOC से 23,350 किलो लकड़ी का परिवहन, आरोपी के घर से मिले ₹81 लाख

Crime News:-महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के मामले की जांच अब बड़े नेटवर्क तक पहुंचती दिखाई दे रही है। पिथौरा थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में पुलिस ने आरोपी मनीष अग्रवाल के ठिकाने से 81 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। मामला 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन और फर्जी NTPS/NOC के इस्तेमाल से जुड़ा है।
Crime News:-फर्जी NOC के जरिए लकड़ी परिवहन का आरोप
पुलिस के मुताबिक, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन के आधार पर खैर लकड़ी के परिवहन में इस्तेमाल की गई NTPS NOC में कथित कूटरचना किए जाने और उसे वास्तविक दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल करने का मामला सामने आया था। इसके बाद थाना पिथौरा में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम, 1927 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
Crime News:-आरोपी के घर से मिले 81 लाख रुपये
जांच के दौरान पुलिस ने 7 सितंबर 2026 को आरोपी मनीष अग्रवाल के मुड़पार स्थित मकान पर तलाशी ली। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यहां से 500 रुपये के 16,200 नोट, यानी कुल 81 लाख रुपये नकद बरामद हुए।
रकम को लेकर पुलिस उसके स्रोत और मामले से संभावित संबंध की जांच कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, बरामद नकदी को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए BNSS की धारा 107 के तहत कुर्की की कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
Crime News:-जांच का दायरा बढ़ा, अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका
पुलिस की जांच अब केवल 23,350 किलो खैर लकड़ी के परिवहन तक सीमित नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच में लकड़ी के परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों, आरोपियों के संपर्कों और आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
पुलिस जांच से जुड़े दावों में ओडिशा से लेकर हिमाचल प्रदेश तक नेटवर्क के फैलाव और बड़े पैमाने पर कारोबार की बात सामने आई है। हालांकि, 120 करोड़ रुपये से अधिक के कथित अवैध कारोबार, आठ शेल कंपनियों और 10 से अधिक म्यूल बैंक खातों से जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सार्वजनिक स्रोतों से नहीं हो सकी है। इसलिए इन दावों को जांच के निष्कर्ष के तौर पर नहीं, बल्कि पुलिस जांच में सामने आए कथित तथ्यों के रूप में देखना उचित होगा।
Crime News:-फर्जी इनवॉयस और कंपनियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस कथित तौर पर यह भी जांच कर रही है कि खैर लकड़ी के कारोबार को दस्तावेजों में वैध दिखाने के लिए कहीं फर्जी बिल या इनवॉयस का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। इसी कड़ी में अलग-अलग कंपनियों, बैंक खातों और लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
यदि जांच में फर्जी कंपनियों अथवा बैंक खातों के जरिए रकम के लेनदेन की पुष्टि होती है, तो मामले में आर्थिक अपराध और मनी ट्रेल से जुड़े पहलुओं पर भी कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।
Crime News:-अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच
पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही लकड़ी के परिवहन, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, रकम के लेनदेन और संभावित आर्थिक लाभ से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
मामले में बरामद 81 लाख रुपये नकद फिलहाल जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम का स्रोत क्या था और इसका खैर लकड़ी के कथित अवैध कारोबार से क्या संबंध है।
Crime News:-क्या है पूरा मामला?
- 23,350 किलो खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन का मामला।
- परिवहन में इस्तेमाल NTPS/NOC में कथित फर्जीवाड़े का आरोप।
- पिथौरा थाने में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज।
- आरोपी मनीष अग्रवाल के ठिकाने से ₹81 लाख नकद बरामद।
- बरामद रकम में ₹500 के 16,200 नोट होने की जानकारी।
- पुलिस अब दस्तावेजों, आरोपियों के संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है।
