Chhattisgarh BJP:-भाजपा की 11 घंटे की ‘क्लोज्ड डोर’ बैठक में खुली जिलों की परतें, सत्ता-संगठन के तालमेल पर नेतृत्व ने मांगा हिसाब

Chhattisgarh BJP:-रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा में सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल को लेकर चल रही दो दिवसीय समीक्षा बैठकों का बुधवार को दूसरा दिन बेहद अहम रहा। राजधानी रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में करीब 11 घंटे तक चली मैराथन बैठक में जिलों की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में प्रभारी मंत्रियों के कामकाज, संगठन की सक्रियता, जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों के बीच समन्वय तथा जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की स्थिति की समीक्षा की गई।

Chhattisgarh BJP:-सत्ता-संगठन के बीच तालमेल बना सबसे बड़ा एजेंडा
भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की मौजूदगी में हुई समीक्षा में इस बात पर जोर रहा कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल के बिना जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को अपेक्षित गति नहीं मिल सकती।
बैठक में प्रभारी मंत्रियों से उनके संबंधित जिलों की स्थिति को लेकर फीडबैक लिया गया। इससे पहले मंगलवार को 16 जिलों की समीक्षा की गई थी, जबकि बुधवार को शेष 17 जिलों के प्रभारी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ चर्चा की गई।
Chhattisgarh BJP:-कहीं समन्वय की कमी तो कहीं नाराजगी की चर्चा
बैठक के दौरान कुछ जिलों में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल की कमी तथा नाराजगी से जुड़े मुद्दे भी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में किसी नेता या जिले के खिलाफ किसी औपचारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।
संगठन नेतृत्व ने ऐसे मामलों को आपसी समन्वय और संवाद के जरिए सुलझाने पर जोर दिया। जिन क्षेत्रों में संगठनात्मक कमियां सामने आईं, वहां अनुशासन और सक्रियता के साथ काम करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
Chhattisgarh BJP:-मंत्रियों के कामकाज पर भी पैनी नजर
समीक्षा का एक बड़ा हिस्सा प्रभारी मंत्रियों के जिलों में किए जा रहे कामों पर केंद्रित रहा। इससे पहले हुई बैठक में संगठन की ओर से प्रभारी मंत्रियों से जिलों में नियमित बैठकें करने, कार्यकर्ताओं से संवाद बनाए रखने और जनता से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहने को कहा गया था। अब संगठन ने इसी अवधि के कामकाज की समीक्षा शुरू की है।
बैठक में यह भी देखा गया कि जिलों में संगठनात्मक टीम कितनी सक्रिय है, प्रभारी मंत्री और संगठन के पदाधिकारी किस तरह तालमेल के साथ काम कर रहे हैं और सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में पार्टी संगठन की भूमिका कितनी प्रभावी है।
Chhattisgarh BJP:-जमीनी फीडबैक पर भाजपा नेतृत्व का फोकस
दो दिन चली बैठकों से यह संकेत जरूर मिलता है कि प्रदेश भाजपा नेतृत्व अब केवल सरकार के कामकाज तक सीमित रहने के बजाय जिले से लेकर बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता और समन्वय को गंभीरता से परख रहा है।
हालांकि बैठक में सामने आई नाराजगी को लेकर पार्टी की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में इसे फिलहाल संगठनात्मक समीक्षा और अंदरूनी फीडबैक की प्रक्रिया के रूप में ही देखा जा रहा है।
करीब 11 घंटे चली दूसरे दिन की बैठक के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि जिन जिलों में समन्वय या संगठनात्मक कमियां सामने आई हैं, उन्हें दूर करने के लिए भाजपा नेतृत्व आने वाले दिनों में क्या कदम उठाता है।
